
Elephant Death: धरती का सबसे विशालकाय जीव जब इंसानी लापरवाही के करंट से हार गया, तो प्रकृति भी सहम उठी। औरंगाबाद जिले में एक महीने से भटक रहे एक हाथी की कहानी का अंत बेहद दर्दनाक हुआ, जब वह 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आ गया।
इस Elephant Death के बाद वन विभाग में मचा हड़कंप
यह घटना औरंगाबाद के मेंह थाना क्षेत्र में घटी, जहां हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हाथी की मौत हो गई। पिछले एक महीने से रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल और आस-पास के तराई क्षेत्रों में घूम रहे इस हाथी को बचाने के प्रयास चल रहे थे, लेकिन बीती रात सारे प्रयास विफल हो गए। हाथी की मौत की खबर मिलते ही औरंगाबाद की डीएफओ रुचि सिंह, रोहतास के सहायक वन संरक्षक चौहान शशि भूषण कुमार और रेंजर दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने बताया कि हाथी के शव का पोस्टमार्टम पटना से आने वाली विशेष टीम करेगी, जिसके बाद मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, यह हाथी कुछ घंटे पहले ही इंद्रपुरी बराज के एक गेट में फंस गया था। वहां मौजूद वन विभाग की टीम ने उसे निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन हाथी घबराहट में वहां से भागकर औरंगाबाद जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी दौरान वह मेंह गांव के पास से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इंद्रपुरी बराज से भागकर मौत के मुंह में पहुंचा हाथी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह हाथी लगभग एक महीना पहले औरंगाबाद के मदनपुर जंगल से भटककर नवीनगर के रास्ते सोन नदी के तराई वाले इलाके में आ पहुंचा था। तब से यह रोहतास जिले के नौहट्टा, तिलौथू और रोहतास प्रखंड के सोनडीला व जंगली इलाकों में घूम रहा था। इस दौरान उसने कई किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया और कुछ मवेशियों पर भी हमला किया था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल था। वन विभाग की टीम लगातार उस पर नजर बनाए हुए थी और उसे सुरक्षित जंगल में वापस भेजने की कोशिश कर रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन दुर्भाग्यवश, यह कोशिश एक दुखद अंत पर समाप्त हुई।


