back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 17, 2026
spot_img

चैत्र अमावस्या 2026: पितरों को तर्पण और भगवान विष्णु की कृपा पाने का महापर्व

spot_img
- Advertisement -

Chaitra Amavasya: चैत्र अमावस्या का पावन अवसर सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह वह पवित्र तिथि है जब हम अपने पितरों को स्मरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक तर्पण अर्पित करते हैं और भगवान विष्णु की आराधना से जीवन में सुख-शांति का आह्वान करते हैं।

- Advertisement -

चैत्र अमावस्या 2026: पितरों को तर्पण और भगवान विष्णु की कृपा पाने का महापर्व

चैत्र अमावस्या का महत्व और शक्तिशाली मंत्र जाप

चैत्र अमावस्या का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह तिथि पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप विशेष पुण्य फल प्रदान करता है। माना जाता है कि इस शुभ तिथि पर किए गए सभी धार्मिक कार्य सीधे हमारे पूर्वजों तक पहुंचते हैं और उन्हें मोक्ष प्रदान करते हैं। यह दिन न केवल पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है, बल्कि जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर सुख-समृद्धि के द्वार भी खोलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

भगवान विष्णु के शक्तिशाली मंत्रों का जाप कैसे करें:

- Advertisement -
  • प्रातःकाल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उनके समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें।
  • संकल्प लेकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और मन को एकाग्र करें।
  • अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार निम्नलिखित में से किसी भी मंत्र का 108 बार या उससे अधिक बार श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  • जाप के उपरांत भगवान विष्णु से अपने कष्टों को दूर करने, जीवन में शांति हेतु और पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें।
यह भी पढ़ें:  मासिक शिवरात्रि 2026: भगवान शिव की कृपा पाने का अद्भुत अवसर

भगवान विष्णु के 4 शक्तिशाली मंत्र:

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

ॐ नमो नारायणाय।

श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि।

ॐ विष्णवे नमः।

निष्कर्ष और उपाय:

चैत्र अमावस्या पर इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। पितरों के निमित्त तर्पण और पिंड दान करने से वे प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपने आध्यात्मिक और पारिवारिक दायित्वों को निभाते हुए आत्मिक शांति और परम पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत: FSSAI Registration के नए नियम 2026 से लागू

FSSAI Registration: भारत में खाने-पीने का व्यवसाय करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए एक...

UGC Guidelines: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए यूजीसी ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

UGC Guidelines: देश के लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है।...

Dhurandhar 2 के डायलॉग पर मचा हंगामा, एक्टर विवेक सिन्हा को पाकिस्तानी कहने पर हुआ बवाल!

Dhurandhar 2 News: बड़े पर्दे पर धमाल मचाने आ रही फिल्म 'धुरंधर 2' की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें