
Bihar Engineer Raid: कभी चांदी के चम्मच से खाने वाले के घर जब विजिलेंस की दस्तक होती है, तो अकूत संपत्ति का कुबेर भी मिट्टी में मिल जाता है। बिहार में एक इंजीनियर के ठिकानों पर EOU की छापेमारी ने फिर यही सच्चाई सामने ला दी है।
बिहार इंजीनियर रेड: बिजली विभाग के इंजीनियर के 7 ठिकानों से मिले करोड़ों की अकूत संपत्ति के दस्तावेज़, नेपाल तक फैला नेटवर्क
बिहार इंजीनियर रेड: मनोज रजक के कुकर्मों का हुआ पर्दाफाश
बिहार में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज रजक पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद EOU ने एक साथ सात ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है और यह एक बार फिर साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। छापेमारी के दौरान करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसकी जांच जारी है। यह ख़बर आपको देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यूज़ पोर्टल पर मिल रही है।
Bihar Engineer Raid: बिजली विभाग का अधिकारी, पर जीवन शैली किसी शहंशाह से कम नहीं। करोड़ों की काली कमाई ने बिछाया ऐसा मायाजाल कि हर तरफ सिर्फ दौलत का समंदर।
Bihar Engineer Raid: बिहार में धनकुबेर इंजीनियर के ठिकानों पर EOU का छापा, मिली अकूत संपत्ति
Bihar Engineer Raid: EOU की बड़ी कार्रवाई, इंजीनियर के 7 ठिकानों पर रेड
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक इंजीनियर पर शिकंजा कसा है। इंजीनियर मनोज रजक के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। EOU की टीमों ने पटना समेत कुल सात स्थानों पर छापामारी की, जहां से जमीन, गोदाम और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले में की गई है। इंजीनियर के पास से इतनी अकूत संपत्ति मिली है कि अधिकारी भी हैरान रह गए। छापेमारी के दौरान कई ऐसे सबूत मिले हैं जो नेपाल तक फैले उनके निवेश की ओर इशारा करते हैं। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के तार सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि सीमा पार भी बिछे हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मनोज रजक पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह संपत्ति उन्होंने गलत तरीके से सरकारी पद का दुरुपयोग कर जमा की है। EOU की टीम अब इन सभी संपत्तियों के स्रोतों और उनसे जुड़े लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इस मामले को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी मुहिम के तौर पर देखा जा रहा है।
अकूत संपत्ति का खुला राज, जांच जारी
छापेमारी में मिली जानकारी के अनुसार, इंजीनियर मनोज रजक के पास बिहार के विभिन्न जिलों में कई भूखंड, व्यावसायिक इमारतें और बड़े गोदाम भी मौजूद हैं। इसके अलावा, टीम को उनके बैंक खातों और लॉकरों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। कुछ जगहों से नकदी और आभूषण भी बरामद होने की सूचना है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी तक EOU ने आधिकारिक तौर पर नहीं की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
EOU के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंजीनियर मनोज रजक काफी समय से निगरानी में थे। गुप्त सूचनाओं के आधार पर ही यह बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही कई और खुलासे होने की उम्मीद है। इस तरह के आय से अधिक संपत्ति के मामलों में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी ताकि व्यवस्था को स्वच्छ और पारदर्शी बनाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
EOU की टीम ने इंजीनियर मनोज रजक के पटना, मुजफ्फरपुर और मधुबनी सहित कुल सात परिसरों पर छापा मारा। शुरुआती जांच में ही अकूत संपत्ति के दस्तावेज़ हाथ लगे हैं। इन दस्तावेज़ों में बड़े पैमाने पर जमीन, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और अन्य निवेश के सबूत मिले हैं। इंजीनियर का जाल सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि नेपाल में भी उसके निवेश और संपत्तियों के प्रमाण मिले हैं, जिनमें आलीशान बंगला भी शामिल है।
अकूत संपत्ति और बेनामी निवेश की परतें
छापेमारी के दौरान जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, उनमें कई बीघा जमीन, आधुनिक गोदाम और पेट्रोल पंप के मालिकाना हक के दस्तावेज़ शामिल हैं। EOU की टीम को शक है कि ये सभी संपत्तियां मनोज रजक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैरकानूनी तरीके से अर्जित की हैं। जाँचकर्ताओं को कई बेनामी लेनदेन के भी सबूत मिले हैं, जिनकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मनोज रजक पर आरोप है कि उसने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जुटाई है। EOU अब इन संपत्तियों के मूल स्रोत और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। यह पूरा मामला विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलता है। EOU के अधिकारी इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दे रहे थे, ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। यह आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छापेमारी में और क्या-क्या मिला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, EOU ने रजक के ठिकानों से कई बैंक खातों के विवरण, निवेश के कागजात और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं। इन साक्ष्यों का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इंजीनियर ने अपनी काली कमाई को किन-किन माध्यमों से सफेद किया और इसमें उसके कौन-कौन से सहयोगी शामिल थे। इस मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।



