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मार्च, 18, 2026
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Darbhanga News: नाबालिग का अपहरण और जबरन शादी, जानें पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला… Darbhanga में अपराधियों के लिए एक सबक!

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Darbhanga News: कानून के हाथ आखिर दोषियों के गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं, भले ही इसमें कुछ वक्त लग जाए। दरभंगा की एक अदालत ने चार साल पुराने मामले में इंसाफ की कलम से ऐसा फैसला लिखा है, जो अपराधियों के लिए एक सबक बनेगा।

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Darbhanga News: जानिए क्या था पूरा मामला

यह मामला 12 सितंबर 2018 का है, जब मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित चपाही गांव के रहने वाले रौशन कुमार और सुधीर कुमार राय ने अपने आठ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया था। इसके बाद आरोपी रौशन कुमार ने पीड़िता से जबरन शादी भी कर ली थी। इस घिनौनी वारदात के बाद पीड़िता के पिता ने हिम्मत दिखाते हुए सदर थाना में सभी अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद से ही यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अभियोजन पक्ष ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और सभी सबूतों और गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।

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मामले की सुनवाई पॉक्सो की विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने पॉक्सो एक्ट की धाराओं का हवाला देते हुए दोषियों के लिए कठोरतम सज़ा की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सभी साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने बुधवार को अपना अंतिम फैसला सुनाया।

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अदालत ने सुनाई यह सज़ा

विशेष अदालत ने सदर थाना कांड संख्या 367/18 से जुड़े दो मामलों में अपना फैसला सुनाया। जीआर केश संख्या 61ए/18 में मुख्य अभियुक्त रौशन कुमार (पिता- जय प्रकाश राय) को भारतीय दंड विधान की धारा 354 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो की धारा 10 के तहत भी उसे 5 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, जीआर केश संख्या 61/18 में दूसरे अभियुक्त सुधीर कुमार राय (पिता- बलदेव राय) को भादवि की धारा 366 के तहत 01 वर्ष के कारावास और 05 हजार रुपये अर्थदंड की सज़ा सुनाई गई है।

अदालत के इस फैसले ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था में लोगों के भरोसे को मजबूत किया है। एक पिता द्वारा अपनी बेटी के लिए शुरू की गई लड़ाई आखिरकार अंजाम तक पहुंची और दोषियों को उनके किए की सज़ा मिली। यह फैसला समाज में एक मज़बूत संदेश देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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