
PACS Election: लोकतंत्र के चुनावी समर में जब वोटों की आहुति पड़ती है, तो जनादेश का अमृत निकलता है। अकबरनगर प्रखंड के श्रीरामपुर में पैक्स अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां दो उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया। बुधवार को कड़ी प्रशासनिक सुरक्षा के बीच मध्य विद्यालय श्रीरामपुर स्थित मतदान केंद्र पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा लिया गया। इस चुनाव में कुल 688 मत पड़े, जो लगभग 51 प्रतिशत का मतदान दर्शाता है।
कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ PACS Election
श्रीरामपुर पैक्स के अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की थी, जिसके बाद यह मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया था। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। मतदान केंद्र पर सुबह से ही मतदान कर्मी और सुरक्षा बल तैनात हो गए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पूरी मतदान प्रक्रिया पर अधिकारियों की पैनी नजर बनी रही, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। चुनाव संपन्न होने के बाद दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
मतदान केंद्र पर सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो शाम 4:30 बजे तक बिना किसी बाधा के चली। दोनों ही अध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिनभर अपने-अपने वोटरों से संपर्क साधते और उनका हाल-चाल लेते नजर आए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हुई हैं, जिसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि श्रीरामपुर पैक्स का नेतृत्व किसके हाथों में जाएगा।
सुबह धीमी शुरुआत के बाद दोपहर में बढ़ी मतदाताओं की भीड़
मतदान के शुरुआती घंटों में मतदाताओं का उत्साह थोड़ा कम देखने को मिला और बूथों पर भीड़ कम रही। लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मतदाताओं की कतारें लंबी होने लगीं। दोपहर के बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ी और लोग अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेने पहुंचे। इस चुनाव में न केवल पुरुष, बल्कि महिला और युवा मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मतदाताओं के इस उत्साह ने चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया था। कुल मिलाकर, यह चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया और अब नतीजों का इंतजार है।





