
Bihar Revenue Officers Suspension: बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने एक बार फिर चाबुक चलाया है। उन अधिकारियों को चेतावनी दी जा रही है, जो अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं या सरकारी कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार राजस्व सेवा के तीन अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी जल्द काम पर लौटेंगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन सरकारी कामकाज में बाधा डालने, अनुशासनहीनता दिखाने और भ्रामक बयानबाजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Bihar Revenue Officers Suspension: बिहार में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, उपमुख्यमंत्री ने तीन राजस्व अधिकारियों को किया निलंबित
Bihar Revenue Officers Suspension: उपमुख्यमंत्री का कड़ा संदेश, नहीं बख्शे जाएंगे अनुशासनहीन अधिकारी
निलंबित किए गए अधिकारियों की सूची में अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र पांडे, पटना सदर के अंचलाधिकारी रजनीकांत और पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन अंचल के अंचलाधिकारी आनंद कुमार के नाम शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कदम विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत राजस्व पदाधिकारी अपने कार्यों में जुटे हुए हैं। इस बात की पुष्टि जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में भी हुई है। मंत्री ने यह भी बताया कि राजस्व विभाग द्वारा जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य की निगरानी भी की जा रही है। 17 अप्रैल से स्व-गणना का काम शुरू होना है, और कई महत्वपूर्ण अभियान इस समय प्रगति पर हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकार के आदेशों की अवहेलना करने और विभागीय कामकाज में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। यह Government Action Bihar का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसमें सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जांच समिति का गठन और पूर्व अधिकारी पर कार्रवाई
इसके साथ ही, उपमुख्यमंत्री ने त्यागपत्र दे चुके पूर्व राजस्व पदाधिकारी आदित्य शिवम शंकर के आचरण और उनके द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जांच कराने का भी निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण मामले की जांच के लिए एक त्रि-सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसमें महेंद्र पाल को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मोना झा और नवाजिश अख्तर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र पांडे
- पटना सदर के अंचलाधिकारी रजनीकांत
- पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन अंचल के अंचलाधिकारी आनंद कुमार




