
Madhubani News: जब इतिहास के पन्ने लोकगीतों की धुन पर जीवंत हो उठते हैं, तो संस्कृति का असल रंग निखरकर सामने आता है। मधुबनी के रामपट्टी दुर्गास्थान में 18 मार्च 2026 को कुछ ऐसा ही अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां देवतुल्य राजा सलहेश महोत्सव ने अपनी भव्यता से पूरे वातावरण को सराबोर कर दिया।
Madhubani News: राजा सलहेश की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्षा बिंदु गुलाब यादव, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार, और रामपट्टी के मुखिया अरुण चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और राजा सलहेश की जीवन गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अत्यंत सराहनीय हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, एससी/एसटी जिला अध्यक्ष बलराम पासवान ने राजा सलहेश के न्यायप्रिय शासन और वीरता का वर्णन करते हुए कहा कि यह Madhubani News का गौरव है कि हम ऐसी महान विभूतियों की विरासत को मना रहे हैं।

कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान हमारी लोक संस्कृति की विविध झलकियां देखने को मिलीं। कार्यक्रम में दी गई कुछ प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार रहीं:
- दिनेश पासवान: सुमधुर लोक गायन से कार्यक्रम की शुरुआत की।
- राम कुमार राम: अपनी प्रस्तुति से माहौल में उत्साह भर दिया।
- राजेंद्र पासवान: रासन चौकी के माध्यम से पारंपरिक शैली को जीवंत किया।
- रमेश मंडल: मनमोहक लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
- जोगी पासवान: मेहराई गायन से सांस्कृतिक गहराई जोड़ी।
- लोक कला रंग: एक प्रभावशाली नाटक का मंचन किया, जिसकी खूब सराहना हुई।
इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बिहार की कलात्मक विरासत से रूबरू कराया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्षेत्रीय कलाओं के संरक्षण की दिशा में एक सफल आयोजन
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय लोक कलाओं का संरक्षण और उन्हें बढ़ावा देना था, जिसमें यह पूरी तरह सफल रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलाकार और आम नागरिक शामिल हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अंत में, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया, जबकि दुर्गेश मंडल ने मंच का सफल संचालन किया।




