
जीवन का गणित समझने और भविष्य की राह गढ़ने के लिए आंकड़े आईने का काम करते हैं। इन आंकड़ों का सबसे बड़ा स्त्रोत जनगणना है, जो अब नए डिजिटल अवतार में सामने आने को तैयार है। India Census 2027: शिवहर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने हाल ही में बताया कि भारत की जनगणना 2027 एक नए युग की शुरुआत है, जहाँ आंकड़ों का संग्रहण आधुनिक डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा।
जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने शिवहर मुख्यालय स्थित खेल भवन में जनगणना के लिए आयोजित तीन दिवसीय जिलास्तरीय व चार्ज पदाधिकारियों के प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए कहा कि जनगणना हमारे लोकतंत्र का आधार है। इसके महत्व को देखते हुए इसे भारतीय संविधान में शामिल किया गया है। उन्होंने भारत की जनगणना की समृद्ध परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि इसे विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणना में से एक माना जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2021 में कोविड और अन्य कारणों से स्थगित हुई जनगणना अब 2027 में संपन्न होगी।
India Census 2027: डिजिटल माध्यमों से होगा डेटा संग्रह
डीएम ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 कई मायनों में विशिष्ट और उल्लेखनीय होगी। यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी जिसमें जनगणना आंकड़ों का संग्रहण पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। इसके लिए सीएमएमएस के माध्यम से एचएलबीसी वेब पोर्टल का उपयोग होगा। प्रगणक अपने स्मार्टफोन पर विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का प्रयोग करते हुए परिवारों से सीधे आंकड़े एकत्र करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, आम जनता को एक निर्दिष्ट वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे Digital Data Collection प्रक्रिया और अधिक सुलभ बन जाएगी।
जनगणना की प्रक्रिया और आम जनता से अपील
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जनगणना कार्य के लिए नियुक्त प्रगणकों और पर्यवेक्षकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का सही-सही उत्तर दें। उन्होंने जोर दिया कि सटीक आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की प्रभावी योजनाएं बनाई जा सकती हैं, जो समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर समाहर्त्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी और चार्ज पदाधिकारी उपस्थित थे। जनगणना निदेशालय के कर्मियों द्वारा इन सभी को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि यह प्रशिक्षण 20 मार्च तक चलेगा।
जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 02 मई से 31 मई 2026 तक संपन्न होगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों पर नंबर अंकित करेंगे और आमजनों से 33 प्रश्नों के जवाब लेंगे। इनमें घर की भौतिक स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी। इसी चरण में आमजनों की सुविधा के लिए स्व-गणना का विकल्प भी 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। जनगणना के दूसरे चरण का कार्य फरवरी 2027 में किया जाएगा। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि Digital Data Collection की यह पहल सफल हो।
कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति और प्रशिक्षण व्यवस्था
जनगणना के प्रथम चरण के लिए जिला और चार्ज स्तर पर जनगणना पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जा चुकी है। इसके सुचारू संचालन के लिए एक जनगणना कोषांग का भी गठन किया गया है। शिवहर जिले में कुल छह चार्ज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें पांच ग्रामीण और एक नगरीय चार्ज शामिल है। अनुमानित मकान सूचीकरण की संख्या 1318 है, और सुरक्षित सहित कुल प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की संख्या 1602 है, जिन्हें इस विशाल कार्य को अंजाम देना है। प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जनगणना के सफल और सुचारू संचालन के लिए जिले के दो मास्टर ट्रेनर को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। ये मास्टर प्रशिक्षक अब 24 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे, जिसका प्रशिक्षण 23 से 25 मार्च तक निर्धारित है। फील्ड प्रशिक्षक अपने प्रशिक्षण के बाद चार्ज स्तर पर सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षित करेंगे। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्य अप्रैल के पहले सप्ताह से चार्ज स्तर पर शुरू होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। यह पहल देश के भविष्य की नींव रखेगी, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



