
Bhagalpur News: सहकारिता की बही को मजबूत करने और किसानों की तकदीर बदलने की पटकथा अब भागलपुर की धरती पर लिखी जा रही है। शहर के टाउन हॉल में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ऐसा जमघट लगा, मानो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का संकल्प लिया गया हो। जिले भर के पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों और व्यापार मंडल अध्यक्षों की उपस्थिति में सहकारिता विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
Bhagalpur News: सहकारिता क्षेत्र के विकास और मजबूती पर कार्यशाला
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में सहकारिता की जड़ों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता का रास्ता सहकारिता की गलियों से होकर ही गुजरता है। यह एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो छोटे से छोटे किसान को भी आर्थिक रूप से मजबूत बना सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का सख्त निर्देश दिया।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने पर अपने विचार रखे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया और सहकारिता के विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए, जिससे माहौल और भी ज्ञानवर्धक हो गया।
DM ने दिया पारदर्शिता का मंत्र, बोले- किसानों का हित सर्वोपरि
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में सहकारिता विभाग से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, बेहतर प्रबंधन कौशल और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक को अपनाकर ही हम व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और कुशल बना सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने पैक्स अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सहकारिता से जुड़े लोगों को नवीनतम जानकारी और कौशल से लैस करना था ताकि वे ग्रामीण स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों की भारी संख्या में उपस्थिति ने इसकी सफलता को प्रमाणित कर दिया। अंत में, आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। यह कार्यशाला भागलपुर में सहकारिता आंदोलन को एक नई ऊर्जा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।


