
Bhagalpur University News: ज्ञान के मंदिर पर जब लापरवाही की सीलन लग जाए, तो भविष्य की नींव दरकने लगती है। कुछ ऐसा ही हाल भागलपुर के तिलकामांझी विश्वविद्यालय का है, जहां पीजी अम्बेडकर विचार एवं समाज कार्य विभाग का भवन मौत के साये में चल रहा है और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया है।
Bhagalpur University News: कब गिरेगा छत का प्लास्टर?
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) का पीजी अम्बेडकर विचार एवं समाज कार्य विभाग इन दिनों अपनी शैक्षणिक गतिविधियों से ज़्यादा अपनी जर्जर और जानलेवा हो चुकी इमारत को लेकर चर्चा में है। छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सत्यम मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि भवन की छत और दीवारें किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रही हैं। कक्षाओं के अंदर छत से प्लास्टर टूटकर गिरना और दीवारों से सरिया का झांकना आम बात हो गई है। ऐसी भयावह स्थिति में विद्यार्थी अपनी जान हथेली पर रखकर पढ़ने को मजबूर हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छात्रों का आरोप है कि इस गंभीर विषय पर कुलपति और कुलसचिव को 2-3 बार लिखित में ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन नतीजा शून्य रहा। विश्वविद्यालय के किसी भी बड़े अधिकारी ने मौके पर आकर भवन की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण छात्रों में भय का माहौल है, जिसके चलते कई विद्यार्थियों ने तो डर के कारण कक्षाओं में आना ही बंद कर दिया है। यह छात्र विरोध विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
छात्रों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
संगठन के हृषिकेश प्रकाश ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस लापरवाही के कारण कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कुलपति एवं कुलसचिव की होगी। छात्रों का कहना है कि वे अब और खोखले आश्वासनों पर भरोसा नहीं करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छात्र संगठन की प्रमुख मांगें
विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन के सामने अपनी कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन्हें तत्काल पूरा करने की अपील की गई है। इन मांगों में शामिल हैं:
- जर्जर हो चुके भवन का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत का काम अविलंब शुरू किया जाए।
- मरम्मत पूरी होने तक छात्र-छात्राओं के लिए वैकल्पिक एवं सुरक्षित कक्षाओं की व्यवस्था की जाए।
- इस मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा को हर हाल में प्राथमिकता दी जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में छात्र नेता गिरीश झा, शुभम कुमार, रमन राठौड़, नवल कुमार, प्रिंस कुमार, सुमित कुमार, बिट्टू, और गौरव समेत कई अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे, जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


