
Peace Committee Meeting: त्योहारों का रंग तब और खिल उठता है जब फिजाओं में अमन और शांति घुली हो। इसी शांति को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। Peace Committee Meeting: घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के पाली बाजार में गुरुवार को आगामी ईद-उल-फितर और रामनवमी पर्व को लेकर एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य इलाके में प्रेम और भाईचारे की मिसाल कायम करना है।
Peace Committee Meeting में पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईद-उल-फितर और रामनवमी जैसे पर्व सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी मिल-जुलकर इन पर्वों को मनाएं और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अफवाह या अराजकता फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
थानाध्यक्ष ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई बार गलत सूचनाएं माहौल बिगाड़ने का कारण बनती हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध पोस्ट या संदेश पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। यदि कहीं कोई भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति नजर आए, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन के इस कदम का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि ऐसे प्रयासों से ही समाज में आपसी सौहार्द बना रहता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जनप्रतिनिधियों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
इस बैठक में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक में हसन जाहिद मिठू, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मो. सहादत अली, विकास शर्मा, कन्हैया कुमार, नसर नवाब और जफर आलम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि पाली गांव में हमेशा से आपसी सौहार्द और भाईचारा कायम रहा है और इस बार भी दोनों पर्व उसी परंपरा के साथ मनाए जाएंगे। बैठक के अंत में यह भरोसा जताया गया कि प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयास से ईद-उल-फितर और रामनवमी का पर्व शांतिपूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा, जो क्षेत्र के लिए एक मिसाल बनेगा।

