
Vasanti Navratri: धरती पर आस्था का केसर घुल गया है और हवाओं में भक्ति की महक तैरने लगी है। बेनीपुर प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार से वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ भव्य कलश शोभा यात्रा एवं कलश स्थापना के साथ हो गया है। इस पावन अवसर पर चारों दिशाएं दुर्गा सप्तशती के श्लोकों से गुंजायमान हो रही हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
प्रखंड के फरदाहा, शिवराम, रामौली, बहेरा, डखराम, लवानी, पोहद्दी और सजनपुरा सहित कई गांवों में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी गई है। चहुंओर ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता’ और ‘सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके’ जैसे दुर्गा सप्तशती के पवित्र श्लोक गूंज रहे हैं।
Vasanti Navratri को लेकर पंडालों में भव्य तैयारी
इस महापर्व को लेकर पूजा स्थलों पर आकर्षक पंडालों का निर्माण किया जा रहा है और उन्हें रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया जा रहा है। शाम ढलते ही इन रोशनियों की छटा देखते ही बनती है। मूर्तिकार मां भगवती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में पूरी लगन से जुटे हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, संध्या होते ही मंदिरों और पूजा पंडालों में दीप जलाने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
48वां नवाह संकीर्तन समारोह का भी शुभारंभ
दूसरी ओर, बहेड़ा स्थित महावीर मंदिर में इस वर्ष भी 48वें नवाह संकीर्तन समारोह का शुभारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर किया गया। इस आयोजन के लिए त्रिमुहानी संगम तट से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में कुंवारी कन्याओं ने हिस्सा लिया। यह कलश यात्रा बहेड़ा बजरंगबली मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई, जहां कलश स्थापित किए गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
नेपाल से भी आएंगी कीर्तन मंडलियां
संकीर्तन समारोह के सचिव शंकर भगवान पूर्वे ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की तरह इस साल भी राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों का आगमन होगा। राम नाम धुन संकीर्तन के साथ-साथ यहां भव्य मेला भी लगाया गया है, जिसमें बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, मीना बाजार समेत कई अन्य आकर्षण के केंद्र मौजूद हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। क्षेत्र के सैकड़ों युवा कार्यकर्ता बाहर से आने वाले अतिथियों और श्रद्धालुओं के स्वागत सत्कार में जुटे हुए हैं, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।

