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मार्च, 20, 2026
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Chaitra Navratri 2024: भागलपुर में भक्ति की बयार, काली मंदिर में सुंदरकांड पाठ से गूंजा पूरा इलाका, उमड़े श्रद्धालु

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Chaitra Navratri 2024: जैसे ही चैत्र मास की पहली सुबह दस्तक देती है, फिजाओं में भक्ति का रस घुल जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा भागलपुर में भी देखने को मिला, जहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है।

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Chaitra Navratri 2024 पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान

पूरे देश की तरह बिहार के भागलपुर में भी चैत्र नवरात्रि की धूम मची हुई है। मंगलवार को मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप, देवी शैलपुत्री की पूजा के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। सुबह से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।

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इसी पावन अवसर पर, भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड स्थित रघुचक अन्नहार शक्ति स्थल काली मंदिर में एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां मानस सत्संग मंडली, पनसल्ला के सौजन्य से भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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भजनों की प्रस्तुति से भक्तिमय हुआ वातावरण

मानस सत्संग मंडली के प्रमुख सदस्यों, कमलाकांत चौधरी और गोपाल कृष्ण चौधरी ने अपने भजनों के माध्यम से रामायण के सुंदरकांड का भावपूर्ण पाठ किया। उनके सुमधुर स्वरों ने पूरे वातावरण को भक्ति और ऊर्जा से सराबोर कर दिया। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रघुचक, कटहरा, मोथाबाड़ी, कुमारपुर और पनसल्ला सहित दर्जनों गांवों से सैकड़ों भक्त पहुंचे थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ इस विशेष सुंदरकांड पाठ में हिस्सा लिया और मां दुर्गा से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं बल्कि सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

ग्रामीणों के सहयोग से सफल हुआ कार्यक्रम

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों का योगदान सराहनीय रहा। शशि भूषण चौधरी, नंदन सिंह, जटाशंकर चौधरी, अभय सिंह, अनिल चौधरी, राजेश सिंह, मनोज चौधरी, उमेश सिंह, कुमार भारतेन्दु और सदानंद सिंह समेत कई अन्य लोगों ने व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों से ही यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। यह आयोजन क्षेत्र में भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बन गया है।

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