
DCE Darbhanga: बिहार की धरती अब सिर्फ ज्ञान ही नहीं, बल्कि नए-नए अविष्कारों की गंगोत्री भी बनती जा रही है। दरभंगा की मिट्टी से एक ऐसी ही पहल की सुगंध उठी है, जिसने युवाओं के सपनों को पंख लगा दिए हैं। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) में एक ऐसे कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां छात्रों के आइडिया को हकीकत में बदलने का सुनहरा मौका दिया गया।
DCE Darbhanga में ‘विजन टू वेंचर हैकाथॉन’ का भव्य आयोजन
दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE), दरभंगा में दिनांक 19 मार्च 2026 को ‘विजन टू वेंचर हैकाथॉन’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम DCE दरभंगा स्थित IIT पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर के एक्सटेंशन सेंटर के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर छिपे नवाचारों को एक सफल स्टार्टअप के रूप में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें सही मंच प्रदान करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कार्यक्रम ने छात्रों को अपने विचारों को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का एक अनूठा अवसर दिया।
इस हैकाथॉन का माहौल पूरी तरह से ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ था। युवा इंजीनियरों की आंखों में अपने सपनों को साकार करने की चमक साफ दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि एक ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण करना था जहां नए विचारों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिल सकें।
16 टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा, 6 ने मारी बाजी
इस प्रतिष्ठित हैकाथॉन में कुल 16 टीमों ने पूरे जोश और तैयारी के साथ भाग लिया। प्रत्येक टीम ने अपने अनूठे और अभिनव विचार जूरी के सामने प्रस्तुत किए, जिनमें प्रौद्योगिकी से लेकर सामाजिक समस्याओं के समाधान तक शामिल थे। प्रस्तुतियों का दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि हर टीम का आइडिया अपने आप में खास था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कड़ी प्रतिस्पर्धा और गहन मूल्यांकन के बाद, 6 सर्वश्रेष्ठ टीमों को दूसरे चरण के लिए चुना गया। ये चयनित टीमें अब IIT पटना में आयोजित होने वाले अगले राउंड में अपने विचारों को और विस्तार से प्रस्तुत करेंगी।
जूरी सदस्यों की भूमिका में IIT पटना के प्रोफेसर प्रो. प्रीतम कुमार और DCE दरभंगा के सहायक प्राध्यापक श्री अंकित कुमार शामिल थे। उन्होंने न केवल प्रतिभागियों के विचारों का मूल्यांकन किया, बल्कि उन्हें उनके प्रोजेक्ट को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और मार्गदर्शन भी प्रदान किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां यहां क्लिक करें।
विजेताओं को मिलेगा 2 लाख का अनुदान और प्री-इन्क्यूबेशन की सुविधा
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अंतिम रूप से चयनित टीमों को अपने आइडिया को धरातल पर उतारने के लिए ₹2 लाख तक की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि उन्हें अपने प्रोजेक्ट के शुरुआती विकास में काफी मदद करेगी। इसके साथ ही, इन टीमों को DCE दरभंगा में स्थित IIT पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर के एक्सटेंशन सेंटर में प्री-इन्क्यूबेशन की सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सुविधाओं में मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और नेटवर्किंग के अवसर शामिल हैं, जो किसी भी नए विचार को एक सफल व्यवसाय में बदलने के लिए आवश्यक हैं।
प्राचार्य ने बढ़ाया छात्रों का मनोबल
इस अवसर पर DCE दरभंगा के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को विकसित करना है। ‘विजन टू वेंचर हैकाथॉन’ जैसे आयोजन न केवल छात्रों को अपने विचारों को प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें उद्योग और अनुसंधान के साथ जोड़ने का भी कार्य करते हैं। हमें विश्वास है कि इस पहल से भविष्य के सफल स्टार्टअप्स का निर्माण होगा।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कुल मिलाकर, इस कार्यक्रम ने छात्रों में उद्यमिता के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया और उन्हें अपने सपनों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत और भरोसेमंद मंच प्रदान किया। DCE दरभंगा भविष्य में भी ऐसे नवाचार-उन्मुख कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है।

