
Darbhanga News: केवटी की सियासत में चली शह-मात की बाजी में आखिरकार प्रमुख जिवछी देवी ने अपनी कुर्सी बचा ली। अविश्वास प्रस्ताव के तूफान से गुजरकर उनकी नाव सकुशल किनारे लग गई, जिससे विरोधियों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
दरभंगा न्यूज़: केवटी प्रमुख जिवछी देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, कुर्सी सुरक्षित
दरभंगा न्यूज़: अविश्वास प्रस्ताव का घटनाक्रम और प्रमुख की रणनीति
Darbhanga News: केवटी (दरभंगा) की सियात में एक बड़ा उलटफेर होते-होते रह गया। प्रमुख जिवछी देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी गहमागहमी और कयासों के बीच आखिरकार खारिज हो गया, जिससे उनकी कुर्सी सुरक्षित बच गई। इस फैसले के साथ ही स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आगे की रणनीतियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रमुख जिवछी देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए पंचायत समिति की विशेष बैठक गुरुवार को मुख्यालय स्थित प्रखंड सभागार में बुलाई गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता पैगंबरपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य पितांबर यादव ने की। बैठक में प्रेक्षक के तौर पर भूमि सुधार उप समाहर्ता सदर संजीत कुमार उपस्थित थे, जबकि संचालन का जिम्मा कार्यपालक पदाधिकारी (पंचायत समिति) सह बीडीओ चंद्र मोहन पासवान संभाल रहे थे।
निर्धारित समय 11 बजे तक बैठक में केवल दो पंचायत समिति सदस्य, पितांबर यादव और शहाना खातून ही उपस्थित हुए। बीडीओ ने बताया कि निर्धारित समय 12 बजे तक अन्य पंचायत समिति सदस्यों का इंतजार किया गया, लेकिन कोई और सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुआ। सदस्यों की अपेक्षित संख्या न होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव स्वतः खारिज हो गया। यह घटनाक्रम दिखाता है कि स्थानीय राजनीति में प्रमुख जिवछी देवी की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
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केवटी में प्रमुख की कुर्सी सुरक्षित: जश्न और आगे की राह
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब यह तय हो गया है कि अगले पंचायत चुनाव तक जिवछी देवी ही प्रखंड प्रमुख के पद पर बनी रहेंगी। दोपहर को जब प्रमुख जिवछी देवी अपने समर्थकों के साथ पहुंचीं, तो उनकी जीत का जोरदार जश्न मनाया गया। समर्थकों ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर मिठाई बांटी। इस दौरान समर्थकों में गजब का उत्साह देखने को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस फैसले ने न सिर्फ जिवछी देवी की स्थिति मजबूत की है, बल्कि केवटी की स्थानीय राजनीति में उनके कद को भी बढ़ाया है।

