
Bhagalpur traffic jam: मानों शहर की धमनियों में खून जम गया हो और सांसे अटक गई हों, कुछ ऐसा ही नज़ारा शुक्रवार को भागलपुर की सड़कों पर देखने को मिला जब व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गई। भागलपुर, जिसे स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते हैं, वहां की यातायात व्यवस्था की कलई उस वक्त खुल गई जब तातारपुर रोड पर वाहनों की अंतहीन कतारें लग गईं।
आखिर क्यों लगा ये भीषण Bhagalpur Traffic Jam?
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब एक बजे जब्बारचक चौक से लेकर तातारपुर चौक तक का इलाका पूरी तरह जाम की चपेट में आ गया। स्थिति इतनी विकराल हो गई कि गाड़ियां इंच-इंच खिसकने को मजबूर थीं। करीब एक घंटे तक चले इस महाजाम ने लोगों को बेबस कर दिया। सबसे चिंताजनक दृश्य वह था जब जाम के इसी जंजाल में एक एंबुलेंस और बच्चों से भरी स्कूल बसें भी फंस गईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एंबुलेंस का सायरन चीखता रहा और बसों में बैठे बच्चे बिलखते रहे, लेकिन सड़क पर कोई रास्ता नहीं था।
मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाकर ट्रैफिक को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन वाहनों के भारी दबाव के आगे उनकी एक न चली। इस जाम ने शहर की ट्रैफिक प्रबंधन योजनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चालान काटने वाले कैमरे, पर जाम से अनजान सिस्टम
जाम में फंसे लोगों ने प्रशासन और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर जमकर भड़ास निकाली। उनका कहना था कि शहर में जगह-जगह लगे कैमरे सिर्फ हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने वालों का चालान काटने के लिए हैं, लेकिन जब शहर जाम से जूझ रहा होता है, तब यह तथाकथित स्मार्ट सिस्टम कहीं नजर नहीं आता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जब जाम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं, तब जाकर प्रशासन की नींद टूटी। आनन-फानन में ट्रैफिक पुलिस और तातारपुर थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया, लेकिन तब तक लोग घंटों की परेशानी झेल चुके थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रशासनिक दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।






