back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 21, 2026
spot_img

ध्यान, प्रवचन, गुरु दीक्षा, शक्तिपाठ से गूंजेगा हराही

spot_img
- Advertisement -

ध्यान, प्रवचन, गुरु दीक्षा, शक्तिपाठ से गूंजेगा हराहीदरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार की ओर से आयोजित राम जानकी विवाह पंचमी के चैतन्य महापर्व पर भगवत सदगुरूदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली के सानिध्य में सदगुरूदेव  कैलाश चंद्र श्रीमाली आठ दिसंबर को दरभंगा आएंगे। इनके दरभंगा आगमन को लेकर अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार दरभंगा के साधक व शिष्यों ने श्रीराम जानकी साधना महोत्सव की तैयारी को अंतिम रुप दे दिया है। जानकारी के अनुसार, यह दो दिवसीय महोत्सव आठ दिसंबर से शुरु होगा। महोत्सव का आयोजन रेलवे सामुदायिक भवन हराही पोखर के निकट होगा। महोत्सव की खास बात यह है कि मनुष्य को आध्यात्मिक चेतना से आत्मसात कराने के लिए व इस चेतना को जागृत करने के लिए शिष्यों को ध्यान, प्रवचन,अंकन, शक्तिपाठ समेत अन्य क्रियाओं से आत्मसात कराना व अंत में गुरु से दीक्षा लेकर अपने व्यक्तित्व को गुरू जैसा अनुकरणीय बनाना है। आयोजन में लगे सिद्धाश्रम साधक परिवार के श्याम कुमार पासवान ने देशज टाइम्स को बताया कि इस महोत्सव को लेकर स्थानीय परिवार में हर्ष है। वहीं, साधक परिवार के सदस्य सुदूर से आने वाले साधक व शिष्यों के ठहरने मेंकोई परेशानी ना हो इसके लिए सभी जोर शोर से तैयारी में लगे हैं। साथ ही सभी साधक व शिष्यों के लिए महाप्रसाद की भी समुचित व्यवस्था रहेगी। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए रामनाथ महासेठ, मनीष राज, जयेश आनंद, राघवेंद्र महतो, रविशंकर प्रसाद, शंकर चौधरी, अभय सिंह, नीरज खन्ना समेत अन्य साधक लगे हुए हैं।ध्यान, प्रवचन, गुरु दीक्षा, शक्तिपाठ से गूंजेगा हराही

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Chaiti Chhath 2026: चैती छठ में नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक की संपूर्ण विधि और महत्व

Chaiti Chhath 2026: चैती छठ 2026 का पावन पर्व प्रकृति और सूर्योपासना का अद्वितीय...

लैपटॉप चार्जर से फोन चार्जिंग: क्या यह आपके डिवाइस के लिए सुरक्षित है?

Phone Charging: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्मार्टफोन हमारी सांसों की तरह अनिवार्य...

Bihar Weather: बिहार में फिर आंधी, बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट, IMD का आगामी दो दिन, क्या है पूरी चेतावनी?

बिहार वेदर: प्रकृति का मिजाज इन दिनों कुछ बदला-बदला सा है, कभी भीषण गर्मी...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें