
Vikramshila Setu: जैसे पानी में गिरा पत्थर चंद लहरें बनाकर शांत हो जाता है, वैसे ही भागलपुर में विक्रमशिला सेतु की एक दीवार गिरने की खबर ने हड़कंप मचा दिया, लेकिन अधिकारियों के बयान ने मामले को शांत कर दिया है। बुधवार को पुल निर्माण निगम के अभियंताओं की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पुल की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया।
Vikramshila Setu के निरीक्षण में क्या मिला?
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के नीचे बनी एक फॉल्स दीवार के नदी में ढह जाने की खबर के बाद, पुल निर्माण निगम के अभियंताओं का एक दल तुरंत निरीक्षण के लिए पहुंचा। इस दल का नेतृत्व वरीय परियोजना अभियंता श्री ज्ञान चंद्र दास कर रहे थे।

जांच के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि विक्रमशिला सेतु के मुख्य ढांचे में किसी भी प्रकार की कोई खराबी या डिफॉल्ट नहीं हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने बताया कि जो दीवार गिरी है, वह पुल का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक अस्थायी निर्माण था।
अधिकारियों के अनुसार, पुल के निर्माण के दौरान पानी के दबाव को कम करने और काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए ऐसी फॉल्स दीवारों का निर्माण किया जाता है। यह एक मानक प्रक्रिया है जिसका पालन बड़े पुलों के निर्माण में होता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्या पुल को कोई खतरा है?
वरीय परियोजना अभियंता श्री ज्ञान चंद्र दास ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस घटना से पुल को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने समझाया कि निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद इन फॉल्स दीवारों को तोड़कर हटा दिया जाना चाहिए था, लेकिन किसी कारणवश उस समय यह काम नहीं हो सका। अब इनमें से एक पुरानी दीवार खुद ही टूटकर गिर गई है।
पुल निर्माण निगम की टीम ने यह भी बताया कि जो भी दीवारें खराब हो गई हैं या जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें जल्द ही तोड़कर हटा दिया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी तरह का भ्रम न फैले। यह स्पष्ट है कि फॉल्स दीवार का गिरना पुल की संरचनात्मक अखंडता पर कोई सवाल खड़ा नहीं करता, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यातायात पहले की तरह ही सुचारु और सुरक्षित है।



