back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 20, 2026
spot_img

पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े Bihar -UP के कनेक्शन का पर्दाफाश… पाकिस्तान Espionage Network का बिहार-यूपी तक फैला जासूसी का जाल, सैन्य ठिकानों की जानकारी भेजते पकड़े गए… 5 नाबालिगों समेत पूर्णिया, मेरठ, जौनपुर, कौशांबी से सरगना

spot_img
- Advertisement -

Pakistan Espionage Network: सरहद पार से चल रहे साये, भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने की नापाक साजिश… एक ऐसा जाल जिसमें युवा उलझकर देशद्रोह के दलदल में धंसते जा रहे हैं। हाल ही में एक बड़े खुलासे में इस नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है जिसने उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक अपनी जड़ें फैला रखी थीं।

- Advertisement -

खुला पाकिस्तान Espionage Network: बिहार-यूपी तक फैला जासूसी का जाल, सैन्य ठिकानों की जानकारी भेजते पकड़े गए

सैन्य ठिकानों पर थी Pakistan Espionage Network की पैनी नज़र

जांच एजेंसियों ने एक ऐसे बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया था। इस नेटवर्क के तहत कई राज्यों से लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मेरठ के परतापुर निवासी गणेश, बिहार के पूर्णिया जिले के ओली टोला का विवेक, और मेरठ के शास्त्री नगर का गगन कुमार शामिल हैं। जौनपुर के काजीपुर, सराय मोहद्दीन जामदारा शाहगंज का रहने वाला दुर्गेश भी इस गिरोह का हिस्सा था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस टीम ने मेरठ, गाजियाबाद और कौशांबी से पांच नाबालिगों को भी दबोचा है, जो इस खतरनाक काम में शामिल थे।

- Advertisement -

ये सभी आरोपी सीधे तौर पर एक पाकिस्तानी हैंडलर सरदार उर्फ सरफराज उर्फ जोगा सिंह के संपर्क में थे। वे ‘संदेश ऐप’ के माध्यम से लगातार उससे जुड़े रहते थे और भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण सैन्य सूचनाएं साझा करते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  बड़ी खबर: Air India Delhi Vancouver Flight में 'परिचालन समस्या', 7 घंटे बाद लौटी दिल्ली

नाबालिगों का इस्तेमाल कर जासूसों ने सैन्य ठिकानों की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान भेजीं। वे शॉर्ट वीडियो बनाने का बहाना बनाकर सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो बनाते थे और फिर उन्हें पाकिस्तान भेज देते थे। इसके साथ ही वे इन संवेदनशील ठिकानों की सटीक लोकेशन भी विभिन्न ऐप का इस्तेमाल कर साझा करते थे। एडीसीपी राजकरन नैय्यर ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी है, जिससे इस नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जासूसी के बदले मिलती थी मोटी रकम

इस जासूसी के बदले आरोपियों को हर जानकारी के लिए 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का भुगतान किया जाता था। यह राशि उन्हें टुकड़ों में, अलग-अलग किस्तों में दी जाती थी। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए यह भुगतान जन सेवा केंद्रों पर इंटरनेट के माध्यम से करवाते थे। वहां से वे नकद राशि प्राप्त करते थे, जिससे उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि देश विरोधी ताकतें किस तरह मासूम और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसा रही हैं।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के अनुसार, इस नेटवर्क के दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। इनमें बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी नौशाद अली और भागलपुर का रहने वाला समीर उर्फ शूटर शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जिससे इस जासूसी नेटवर्क की कमर पूरी तरह टूट जाएगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Eid 2026: इस खास अवसर पर अपनों को भेजें दिल छू लेने वाले ईद मुबारक संदेश

Eid 2026: इस्लाम धर्म का पवित्र त्योहार ईद, प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक...

RBSE 10th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 10वीं पास करने के लिए क्या हैं अंक नियम, जानें पूरी जानकारी

RBSE 10th Result 2026: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं की परीक्षा में...

Eid ul Fitr 2026: खुशियों का पैगाम और भाईचारे का त्योहार

Eid ul Fitr 2026: इस्लामी कैलेंडर का एक अत्यंत पावन और खुशियों भरा त्योहार,...

ग्राहकों के लिए खुशखबरी: BSNL Prepaid Plan में 70 दिन की वैलिडिटी और डेली 3GB डेटा

BSNL Prepaid Plan: भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, जहां निजी...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें