
Bhagalpur News: नल तो है, पर उसमें जल की एक बूंद भी नहीं, ठीक वैसे ही जैसे सरकारी वादे तो हैं पर उनमें सच्चाई नदारद। भागलपुर के सबौर प्रखंड से विकास की एक ऐसी ही पोल-खोल तस्वीर सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना भी दम तोड़ती नजर आ रही है।
Bhagalpur News: सड़क, नाली और पानी… सब कुछ नदारद, नरक बन गई जिंदगी
सबौर प्रखंड के सरधो पंचायत स्थित बड़ी इब्राहिमपुर के वार्ड संख्या 13 में दर्जनों परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर हैं। सरकार ने हर घर तक नल का कनेक्शन तो पहुंचा दिया, लेकिन उन नलों में आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। आलम यह है कि लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से यह नरकीय जीवन जी रहे हैं। यहाँ की सड़कें और नालियां भी इतनी जर्जर हैं कि आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस तक का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जर्जर नाले के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों के मन में यह सवाल कौंध रहा है कि आखिर किसी भी जनप्रतिनिधि की नजर उनकी इस समस्या पर क्यों नहीं पड़ती।
अधिकारियों की चौखट पर दम तोड़ रही शिकायतें, मुखिया भी लाचार
जब इस गंभीर मामले पर सरधो पंचायत के मुखिया श्री विपिन कुमार निराला से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी लाचारी जाहिर कर दी। उन्होंने बताया कि यह मामला अब उनके हाथ से बाहर है, क्योंकि मुख्यमंत्री की नल जल योजना अब पीएचडी विभाग के अधीन चली गई है। उन्होंने कहा, “मैंने तीन बार जेई और विभाग के अन्य पदाधिकारियों से लिखित शिकायत की है, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। मेरी शिकायतें भी डाक के तीन पात वाली कहावत को चरितार्थ कर रही हैं।” यह अपने आप में एक गंभीर स्थिति है कि एक पंचायत के मुखिया की शिकायतों पर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए अब स्थानीय विधायक और सांसद को विशेष पहल करनी चाहिए ताकि वर्षों से नारकीय जीवन जी रहे इन परिवारों को कुछ राहत मिल सके। जब तक उच्च स्तर पर हस्तक्षेप नहीं होगा, तब तक शायद ही इन ग्रामीणों की प्यास बुझ पाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

