
Darbhanga News: आसमान से बरसी आफत ने किसानों के सपनों को धो डाला और व्यवसायियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जाले प्रखंड क्षेत्र में 20 मार्च की शाम से हुई बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई है, जिससे किसानों और ईंट व्यवसायियों को गहरा आर्थिक नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसने खेतों में लहलहाती फसलों को जमीन पर बिछा दिया।
Darbhanga News: किसानों और ईंट व्यवसायियों पर मौसम की दोहरी मार
इस अप्रत्याशित बारिश ने गेहूं और मक्का जैसी खड़ी फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। तेज हवा के झोंकों से फसलें खेतों में ही गिर गईं। वहीं, खेतों में जलजमाव होने से मसूर और अन्य दलहनी फसलों के बर्बाद होने की आशंका है। कई किसानों ने अपनी तैयार रबी फसल को काटकर खलिहान में रखा था, जो इस बारिश में भीगकर खराब हो गई। शनिवार सुबह जब किसान अपने खेतों का जायजा लेने पहुंचे, तो बर्बादी का मंजर देख उनकी आंखें नम हो गईं।
रतनपुर के किसान देवेंद्र कुमर, राजा सहनी, और किशोरी महतो ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि गेहूं की फसल पकने की कगार पर थी, लेकिन इस बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। इसी तरह, देउरा-बंधौली पंचायत के राम प्रवेश यादव और सुन्देश्वर यादव ने कहा कि मसूर की तैयार फसल को भी भारी क्षति पहुंची है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
लाखों की कच्ची ईंटें पानी में गलीं
इस बेमौसम बारिश का कहर सिर्फ किसानों पर ही नहीं, बल्कि ईंट-भट्ठा व्यवसाय पर भी टूटा है। रतनपुर और आस-पास के क्षेत्रों में स्थित ईंट-भट्ठों पर पकाने के लिए तैयार की गईं लाखों कच्ची ईंटें बारिश के पानी में गलकर मिट्टी में मिल गईं। व्यवसायियों के अनुसार, एक-एक भट्ठे में चार से पांच लाख तक कच्ची ईंटों का नुकसान हुआ है, जो एक बड़ा आर्थिक झटका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मौसम के इस अचानक बदलाव ने क्षेत्र के किसानों और व्यवसायियों, दोनों को ही गहरी चिंता में डाल दिया है।






