
Araria News: कुदरत के कहर ने अन्नदाताओं के सपनों पर ऐसा वज्रपात किया है कि उनकी उम्मीदों की फसलें भी धराशायी हो गई हैं। अररिया में शुक्रवार को आई प्रलयंकारी आंधी ने किसानों की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया, जिससे उनकी आंखों में अब सिर्फ आंसू और भविष्य में अंधेरा ही नजर आ रहा है।
Araria News: आंधी ने तोड़ी किसानों की कमर
शुक्रवार को आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। जिन किसानों ने कर्ज लेकर और अपना खून-पसीना एक करके बड़े अरमानों से मक्के की खेती की थी, उनकी सारी उम्मीदें एक झटके में बिखर गईं। लहलहाती फसलें खेतों में बिछ गईं और किसानों के सपने चकनाचूर हो गए। कोई इन पैसों से अपनी बेटी के हाथ पीले करने का सपना देख रहा था, तो कोई अपने परिवार के लिए एक पक्की छत का इंतजाम करना चाहता था, लेकिन इस आसमानी आफत ने सब कुछ छीन लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
किसानों का दर्द इतना गहरा है कि कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। वे अपनी बर्बाद फसल को देखकर रो-रोकर बेहाल हैं। उनका कहना है कि अब उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है और सरकारी तंत्र का ध्यान भी उनकी इस बड़ी विपदा पर नहीं गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सरकार से लगाई मदद की गुहार
पीडित किसानों ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल बर्बाद हुई फसल का आकलन कर उचित फसल मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने नम आंखों से बताया कि अगर सरकार ने उनकी मदद नहीं की और उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो उनके पास आत्महत्या करने के सिवा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कर्ज का बोझ और घर चलाने की चिंता उन्हें अंदर ही अंदर खाये जा रही है।
सरकार से गुहार लगाने वाले प्रमुख किसानों में शामिल हैं:
- भारतेंदु यादव
- मनोज कुमार
- विजय यादव
- शुद्ध ऋषि देव
- हरी ऋषि देव
- चंदेश्वरी मंडल
- उमेश राय
- कमलेश्वरी प्रसाद मंडल
इन सभी किसानों और इनके जैसे सैकड़ों अन्य अन्नदाताओं की निगाहें अब केवल सरकारी मदद पर टिकी हैं, ताकि उनकी जिंदगी की गाड़ी फिर से पटरी पर लौट सके।






