
Bihar Diwas: मधुबनी में आज का सवेरा सिर्फ सूरज की रोशनी लेकर नहीं, बल्कि गौरव और उत्सव की एक भव्य गाथा लेकर आया। ‘जय बिहार’ के गगनभेदी नारों के साथ जब हजारों स्कूली छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे, तो लगा मानो पूरा शहर बिहार के स्वाभिमान की चादर ओढ़कर जाग उठा हो। जिले में बिहार राज्य के स्थापना दिवस को लेकर उत्साह चरम पर देखा गया।
Bihar Diwas पर अधिकारियों ने किया महापुरुषों को नमन
रविवार की सुबह वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर से एक भव्य प्रभातफेरी का आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना दिया। ‘विकसित बिहार’ के संकल्प के साथ निकाली गई इस फेरी में हजारों की संख्या में स्कूली बच्चों, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चों ने हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर ‘शिक्षित बिहार-विकसित बिहार’ जैसे नारे लगाए। इस प्रभातफेरी को जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय पांडेय, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रभातफेरी के बाद जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, कवि कोकिल विद्यापति और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शांति और प्रगति के प्रतीक के रूप में गुब्बारों का एक गुच्छ भी आसमान में छोड़ा गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और तैयारियों का लिया जायजा
माल्यार्पण कार्यक्रम के पश्चात जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वर्षा की संभावना को देखते हुए तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दिनभर चले कार्यक्रमों में विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। कहीं “वंदे मातरम” की धुन पर देशप्रेम का जज्बा दिखा, तो कहीं “कैसे खेले जइबू सावन में कजरियाँ” जैसे लोकगीतों पर बिहार की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने बिहार दिवस के उत्सव में चार चांद लगा दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों को जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति और बालिका शिक्षा जैसे सामाजिक विषयों पर भी जागरूक किया गया। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि यह हर बिहारी के लिए अपनी पहचान और अस्मिता को नमन करने का दिन बन गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। आयोजनों के माध्यम से बिहार के गौरवशाली इतिहास और विकास के संकल्प को मजबूती से प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रशासन और आम जनता की भागीदारी सराहनीय रही। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


