
Disproportionate Assets Case: करोड़ों की अकूत संपत्ति का खुलासा
विगत दिनों, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने मनोज कुमार रजक के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में ईओयू ने रजक के जयनगर स्थित कार्यालय के साथ-साथ दरभंगा और सुपौल समेत कुल सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लगे, जिनसे करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का पता चला। जांच में यह बात सामने आई कि रजक ने अपनी काली कमाई से यह अकूत संपत्ति बनाई थी। भ्रष्टाचार के इस मामले ने पूरे विभाग को हिलाकर रख दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान मिले सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि कार्यपालक अभियंता ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक हिस्सा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। जांच एजेंसी अब इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
नेपाल कनेक्शन की भी हो रही जांच
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मनोज कुमार रजक की संपत्तियों के तार पड़ोसी देश नेपाल से भी जुड़े हुए मिले हैं। जांच एजेंसी को नेपाल में भी रजक की प्रॉपर्टी होने के सबूत मिले हैं, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। यह मामला अब सिर्फ आय से अधिक संपत्ति तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आर्थिक अपराध इकाई इस पहलू पर भी गंभीरता से काम कर रही है ताकि काली कमाई के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
निलंबन की कार्रवाई ने मचाया हड़कंप
छापेमारी में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई से पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस बड़ी कार्रवाई ने अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच एक कड़ा संदेश दिया है। फिलहाल, रजक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने तक वह निलंबित रहेंगे। विभाग इस मामले पर पूरी नजर बनाए हुए है।






