spot_img

Jamaui News: खैरा में Chaiti Chhath Puja… कद्दू-भात के साथ सूर्य उपासना का महापर्व शुरू, भक्ति में डूबा इलाका, गूंज रहे हैं छठी मैया के गीत

spot_img
- Advertisement -
IMG-20260619-WA0016

Chaiti Chhath Puja: जब आस्था का सूरज उगता है, तो उम्मीदों की सुनहरी किरणें चारों दिशाओं में फैल जाती हैं। कुछ ऐसा ही अद्भुत नज़ारा खैरा प्रखंड के चुआँ पंचायत में देखने को मिल रहा है, जहां रविवार को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का शुभारंभ हो गया। पहले दिन छठ व्रतियों ने पूरी श्रद्धा और सात्विकता के साथ कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूरे गांव में भक्ति और उल्लास का माहौल है।

- Advertisement -

Chaiti Chhath Puja: जब सूर्य की तपिश और भक्तों की तपस्या का संगम होता है, तो प्रकृति भी भक्ति के रंग में सराबोर हो जाती है। खैरा प्रखंड के चुआँ पंचायत में रविवार को इसी भक्ति और आस्था के साथ चैती छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान पारंपरिक कद्दू-भात (नहाय-खाय) के साथ आरंभ हो गया। गांव में चारों ओर श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है और व्रतियों ने पूरी निष्ठा के साथ पूजा की तैयारी शुरू कर दी है।

- Advertisement -

Chaiti Chhath Puja का चार दिवसीय अनुष्ठान

नहाय-खाय के साथ ही लोक आस्था का महापर्व शुरू हो गया है। रविवार को छठ व्रतियों ने स्नान-ध्यान करने के बाद पूरी पवित्रता के साथ कद्दू की सब्जी, अरवा चावल का भात और चने की दाल का प्रसाद ग्रहण किया। इसी के साथ चार दिनों तक चलने वाले कठिन व्रत का संकल्प लिया गया। व्रतियों के घरों में साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया है और पूजा के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छठ मैया के पारंपरिक गीतों से पूरा माहौल गुंजायमान हो रहा है।

- Advertisement -

परिवार के सभी सदस्य भी व्रतियों की सेवा में जुटे हुए हैं ताकि पूजा-अनुष्ठान में कोई कमी न रह जाए। यह पर्व न केवल गहरी आस्था का प्रतीक है, बल्कि पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता को भी दर्शाता है।

खरना की तैयारी में जुटे श्रद्धालु

पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा पूरी होने के बाद अब व्रती खरना की तैयारी में जुट गए हैं। खरना के दिन व्रती पूरे दिन उपवास रखेंगे और शाम को सूर्यास्त के बाद गुड़ और चावल की खीर के साथ रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह प्रसाद मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी से पकाया जाता है, जो इस पर्व की शुद्धता को दर्शाता है।

खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही व्रतियों का 36 घंटे का सबसे कठिन निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस उपवास के बाद व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को और फिर अगली सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पूरे पंचायत में इस सूर्य उपासना के पर्व को लेकर भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।

गांव की गलियां और घर छठी मैया के पारंपरिक गीतों से गूंज रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। व्रतियों ने अपने-अपने घरों की साफ-सफाई कर पूजा के लिए विशेष तैयारियां की हैं। हर चेहरे पर भगवान भास्कर और छठी मैया के प्रति अटूट विश्वास की झलक दिखाई दे रही है। यह लोक आस्था का महापर्व सूर्य देव की उपासना और छठी मैया के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अनूठा अवसर प्रदान करता है।

Chaiti Chhath Puja का चार दिवसीय अनुष्ठान

चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, जिसमें व्रती स्नान करने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। रविवार को चुआँ पंचायत के व्रतियों ने कद्दू की सब्जी और अरवा चावल का प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद सोमवार को खरना का अनुष्ठान होगा, जिसमें व्रती दिन भर उपवास रखने के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी प्रसाद को ग्रहण करने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा, जो सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही समाप्त होगा।

इस महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कोई गेहूं सुखाने में लगा है तो कोई पूजा के लिए मिट्टी के चूल्हे तैयार कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह दृश्य सनातन संस्कृति की गहरी जड़ों और सामूहिक आस्था की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है।

खरना की तैयारी में जुटे व्रती

नहाय-खाय के बाद अब सभी की निगाहें खरना पर टिकी हैं, जो इस व्रत का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। खरना के दिन व्रती पूरी शुद्धता के साथ प्रसाद तैयार करते हैं और सूर्यास्त के बाद छठी मैया की पूजा कर उसे ग्रहण करते हैं। इसके बाद वे इस प्रसाद को परिवार और आस-पड़ोस के लोगों में बांटते हैं। इस दिन बनने वाले गुड़-खीर के प्रसाद का विशेष महत्व होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

खरना के बाद व्रती मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे और बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा। इस दौरान श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पर्व उनके लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि उनकी पहचान और संस्कृति का अभिन्न अंग है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

15 साल के बिहारी लड़के Vaibhav Suryavanshi ने क्रिकेट में मचाया तहलका! 11 गेंदों में जड़ा तूफानी पचासा, टूट गया 20 साल पुराना रिकॉर्ड

Vaibhav Suryavanshi: बिहार के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में इतिहास रच दिया। उन्होंने महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट का 20#VaibhavSuryavanshi,#BiharCricket,#IndiaACricket

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी की मौत पर गर्माई बिहार की सियासत, MLC पवन सिंह ने CM से मांगी उच्चस्तरीय जांच

Bihar Investigation: भोजपुर के बेलौटी गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की मौत पर सियासी घमासान तेज हो गया है। विधान परिषद सदस्य पवन सिंह ने मुख्यमंत्री से तत्काल उच्चस#BiharInvestigation,#BharatBhushanTiwari,#PawanSingh

आज शाम 6:30 बजे Darbhanga से चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन! छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, देखें रूट और समय

Samastipur Railway News: यात्रियों की सुविधा और परीक्षा की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। 21 जून 2026 को दरभंगा से पाटलिपुत्र के लिए एक विशेष परीक्षा ट्रेन चलाई#SamastipurRailway,#BiharTrainNews,#ExamSpecial

बिहार में बदलेंगे घर बनाने के नियम! अब कमरा, किचन और बाथरूम का भी होगा तय साइज़, जानिए नए बायलॉज

Bihar Building Bylaws: बिहार में घर बनाने वालों के लिए बड़ा अपडेट! राज्य कैबिनेट जल्द ही नए बिल्डिंग बायलॉज को मंजूरी दे सकती है, जिससे कमरों, रसोई और बाथरूम के न्यूनतम आकार तय होंगे।#BiharNews,#BuildingBylaws,#UrbanDevelopment