
Women’s Cricket: मैदान पर जब बेटियां बल्ला थामती हैं, तो सिर्फ चौके-छक्के नहीं लगते, बल्कि पुरानी सोच की बाउंड्री भी पार हो जाती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा भागलपुर की धरती पर देखने को मिला, जहां बिहार दिवस के मौके पर महिला क्रिकेट का शानदार आयोजन किया गया। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय का स्टेडियम इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना।
मारवाड़ी महाविद्यालय, भागलपुर की मेजबानी में आयोजित इस अंतर महाविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता ने शहर में खेल का एक नया माहौल तैयार कर दिया। बिहार दिवस के उपलक्ष्य में शुरू हुई यह पांच दिवसीय प्रतियोगिता शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई।
Women’s Cricket को मिला नया मंच
यह आयोजन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उन महिला खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन मंच था जो अपने सपनों को पंख देना चाहती हैं। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया और अपने खेल कौशल का जबरदस्त प्रदर्शन किया। मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना देखते ही बन रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हर रन और हर विकेट पर दर्शकों का शोर खिलाड़ियों के हौसले को और बढ़ा रहा था। इस तरह के आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।
मेयर और कुलपति ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
प्रतियोगिता का उद्घाटन एक भव्य समारोह के साथ किया गया था, जिसकी मुख्य अतिथि भागलपुर की मेयर डॉ. बसुंधरा लाल थीं। उन्होंने अपने संबोधन में महिला खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की और कहा कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बी. एस. झा सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद थे, जिन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अतिथियों ने इस आयोजन को महिला खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक सराहनीय प्रयास बताया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सफल आयोजन और पुरस्कार वितरण
पांच दिनों तक चले इस क्रिकेट के महाकुंभ का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले के बाद विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए सभी प्रतिभागियों, सहयोगी स्टाफ और अतिथियों का धन्यवाद किया। इस आयोजन ने न केवल भागलपुर में महिला क्रिकेट को बढ़ावा दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि अगर अवसर मिले तो बेटियां हर मैदान फतह कर सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रतियोगिता आने वाले कई वर्षों तक युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।






