
Darbhanga News: सत्ता के गलियारों में सेंधमारी, अब जालसाजों की हिमाकत इतनी बढ़ गई कि विधायक के नाम और पत्नी के हस्ताक्षर का भी कर लिया दुरुपयोग। बिहार के दरभंगा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां केवटी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक केवटी के विकास में समर्पित मुरारी मोहन झा के नाम और पद का इस्तेमाल कर उनके फर्जी लेटर पैड पर नगर निगम को एक पत्र भेजा गया है।
Darbhanga News: क्या है विधायक मुरारी मोहन झा के फर्जी लेटरहेड का पूरा मामला?
Deahaj Times से बातचीत करते विधायक मुरारी मोहन झा ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, एवी सिग्नेचर रेसिडेंसी से जुड़े छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों में से पांच महाराष्ट्र के निवासी हैं, जबकि एक दरभंगा,हनुमानगंज मिश्रटोला, राजेश कुमार झा है।
राज्यसभा चुनाव से लौटने के बाद जब…!
विधायक ने अपने बयान में बताया कि उन्हें नगर निगम की ओर से 14 मार्च को हाथों-हाथ एक पत्र प्राप्त हुआ। राज्यसभा चुनाव से लौटने के बाद जब उन्होंने इस पत्र का अवलोकन किया, तो उसमें उनके नाम और पद का उल्लेख करते हुए 31 दिसंबर 2020 की तारीख में इस्तेमाल किया गया लेटर पैड पूरी तरह से फर्जी पाया गया।
विधायक श्री झा ने किया इनकार -स्पष्ट…
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि पत्र में उनकी पत्नी रामरती कुमारी के हस्ताक्षर भी जाली हैं। विधायक का कहना है कि न तो उन्होंने और न ही उनकी पत्नी ने ऐसे किसी लेटर पैड का उपयोग करते हुए या ऐसे किसी हस्ताक्षर के माध्यम से नगर निगम को कोई पत्र लिखा है। इस गंभीर फर्जीवाड़े ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नगर निगम द्वारा प्राप्त पत्र में उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर से निजी भूखंड पर बनने वाले भवन के लिए लेबर सेस की राशि को पांच किश्तों में जमा करने का आदेश दिया गया था। इसके तहत पहली किश्त के तौर पर दो लाख साठ हजार 840 रुपये का डीडी के माध्यम से जमा करने की सूचना दी गई थी। इसी के आधार पर नगर निगम ने विधायक को पत्र भेजकर एवी सिग्नेचर रेसिडेंसी से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने और आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेज पटना रेरा को भेजने की जानकारी दी थी।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
नगर निगम में कई अन्य फर्जी पत्रों की आशंका
विधायक मुरारी मोहन झा ने Deshaj Times se बातचीत करते आशंका जताई है कि नगर निगम के अंदर इस तरह के कई और फर्जी पत्र हो सकते हैं। इस घटना ने प्रशासन और जनता दोनों को ही चौंका दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना दर्शाती है कि कुछ असामाजिक तत्व किस तरह से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे में इस फर्जीवाड़ा को उजागर कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है।




