back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 24, 2026
spot_img

Sameera Reddy News: बचपन में हकलाने की समस्या से जूझ चुकी हैं समीरा रेड्डी, ऐसे मिली मदद

spot_img
- Advertisement -

Sameera Reddy News: अपने बेबाक अंदाज़ के लिए मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री समीरा रेड्डी ने हाल ही में अपने बचपन के एक ऐसे दर्दनाक राज़ से पर्दा उठाया है, जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ग्लैमर की चकाचौंध के पीछे छिपा उनका यह संघर्ष यकीनन हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देगा।

- Advertisement -

Sameera Reddy News: बचपन में हकलाने की समस्या से जूझ चुकी हैं समीरा रेड्डी, ऐसे मिली मदद

समीरा रेड्डी, जो हमेशा अपने खुले विचारों और बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने एक बार फिर अपनी ईमानदारी से लोगों का दिल जीत लिया है। चाहे वह प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े हुए वजन की बात हो या डिप्रेशन से लड़ाई, समीरा ने कभी भी अपनी सच्चाई छिपाने की कोशिश नहीं की। अब उन्होंने अपने बचपन से जुड़े एक ऐसे मुद्दे का खुलासा किया है, जिसके कारण उन्हें कई बार शर्मिंदगी झेलनी पड़ी और लोग उनका खूब मज़ाक उड़ाया करते थे। लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी, थेरेपी ली और कई सालों बाद आखिरकार उनका आत्मविश्वास लौट आया।

- Advertisement -

Sameera Reddy के बचपन का संघर्ष: हकलाने की समस्या से थीं परेशान

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान समीरा रेड्डी ने अपने बचपन के गहरे घावों को साझा किया। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि वह बचपन से ही हकलाती थीं, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशान किया जाता था। इस समस्या से उबरने और अपना आत्मविश्वास वापस पाने के लिए उन्हें कई सालों तक थेरेपी लेनी पड़ी। यह सुनना वाकई दिल को छू लेने वाला है कि एक सफल अभिनेत्री को भी अपने बचपन के दिनों में इस तरह के बचपन के संघर्ष का सामना करना पड़ा। उनकी बेबाकी की दाद देनी पड़ेगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  प्रियदर्शन न्यूज़: 10 साल बाद फिर एक हुए प्रियदर्शन और लिस्सी, शादी के बिना फिर जिया रिश्ता!

समीरा ने आगे कहा, ‘मैं आज भी हकलाती हूं और जब कोई इस पर प्रतिक्रिया देता है, तो मुझे बहुत बुरा लगता है। बचपन के लेबल इतने गहरे तक असर डाल सकते हैं। कोई भी लेबल, चाहे वह कितना भी सामान्य क्यों न लगे, बच्चे के आत्मविश्वास को धीरे-धीरे प्रभावित करता है।’ उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे बार-बार ‘मंदबुद्धि’ या ‘कमजोर’ कहे जाने से बच्चों में खुद पर संदेह पैदा हो सकता है। ऐसे में वे शिक्षा और सामाजिक रूप से प्रयास करने या जोखिम लेने से कतराने लगते हैं। किसी बच्चे को अगर बार-बार बेवकूफ़ और कमज़ोर कहा जाता है, तो उसे यह विश्वास हो जाता है कि वह ऐसा ही है। यही विश्वास धीरे-धीरे उसके आत्मविश्वास को हिला देता है और उसके बाद वह बच्चा कोशिश करना भी छोड़ देता है।

आत्मविश्वास की राह और माता-पिता की भूमिका

समीरा रेड्डी ने बताया कि वह अपने बच्चों से हमेशा बात करने के लिए कहती हैं। वह उन्हें सिखाती हैं कि किसी एक चीज़ से जूझना उनकी पहचान नहीं है। साथ ही, वह अपने बच्चों को यह भी समझाती हैं कि किसी को कभी नीचा नहीं दिखाना चाहिए। यह सब जानना और समझना बेहद ज़रूरी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे में ये बेहद ज़रूरी है कि हम अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन दें, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको हर खबर से अपडेट रखता है। उनके इस अनुभव से यह सीख मिलती है कि हमें बच्चों की समस्याओं को समझना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि उनका मज़ाक उड़ाना। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

समीरा का यह खुलासा उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो किसी न किसी शारीरिक या मानसिक चुनौती का सामना कर रहे हैं। उनका यह कहना कि संघर्ष आपकी पहचान नहीं है, एक बहुत बड़ा संदेश है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

ICC Women’s T20 Rankings: मंधाना और हरमनप्रीत का जलवा, 15 साल की फैनी ने रचा इतिहास!

ICC Women's T20 Rankings: क्रिकेट के मैदान पर भारतीय महिला खिलाड़ियों का दबदबा लगातार...

आईसीसी महिला टी20 रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा कायम, एक नया सितारा भी चमका

ICC Women's T20 RankingsICC Women's T20 Rankings: भारतीय महिला क्रिकेट की शेरनियां हर मैदान...

AI+ के नए 5G Smartphone भारत में जल्द दस्तक, यूनिक फीचर्स से होंगे लैस

5G Smartphone: भारतीय टेक बाजार में किफायती 5G स्मार्टफोन की तलाश कर रहे उपभोक्ताओं...

LPG Booking Rules: अब 25 दिन में करें गैस सिलेंडर बुक, सरकार ने बदल दिए नियम, लाखों उपभोक्ताओं को राहत

LPG Booking Rules: चूल्हे की तपिश से लेकर थाली की भूख तक, हर घर...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें