
Darbhanga News: न्याय के मंदिर से अपराधियों को कोई राहत नहीं मिली, जब अदालत का हथौड़ा चला तो हत्या से लेकर जानलेवा हमले तक के आरोपियों की उम्मीदें चकनाचूर हो गईं। दरभंगा की एक अदालत ने चार अलग-अलग संगीन मामलों में सुनवाई करते हुए छह अभियुक्तों की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है।
Darbhanga News: इन संगीन मामलों में नहीं मिली राहत
जानकारी के अनुसार, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने इन सभी मामलों पर सुनवाई की। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अभियोजन पक्ष की ओर से दलीलें पेश करते हुए जमानत का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अभियुक्तों को राहत देने से इनकार कर दिया। पहला मामला मनीगाछी थाना कांड संख्या 02/26 से जुड़ा है, जिसमें फुलवन गांव निवासी संतोष मुखिया पर एक महिला की हत्या कर शव छिपाने का गंभीर आरोप है। अदालत ने संतोष मुखिया की नियमित जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया।
वहीं, दूसरा मामला पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या के आरोप से संबंधित है। सिमरी थाना कांड संख्या 161/25 में आरोपी पुलिस पदाधिकारी हंस कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई। हंस कुमार पटना जिले के अनीशावाद थाना क्षेत्र के शारदा कॉलोनी के निवासी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी तरह, नगर थाना कांड संख्या 221/25 में भी अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। यह मामला प्राणलेवा हमले से जुड़ा है, जिसमें जीतूगाछी मोहल्ला निवासी कन्हैया कुमार की नियमित जमानत खारिज कर दी गई।
संदिग्ध मौत के मामले में भी अर्जी खारिज
इसी मामले में सह-आरोपी हिमेश कुमार और राजा कुमार ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया। इन सभी मामलों में लोक अभियोजक की दलीलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। चौथा मामला एक महिला की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, जो एपीएम थाना कांड संख्या 220/25 के तहत दर्ज है। इस केस में आरोपी शिवजी साह ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें भी निराशा हाथ लगी और उनकी अर्जी खारिज कर दी गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ अदालत के इस फैसले से आपराधिक तत्वों में एक कड़ा संदेश गया है।





