
Darbhanga News: नशे के सौदागरों के मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया है, एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है जिसके तार असम से लेकर बिहार तक फैले थे। पटना से मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर दरभंगा पुलिस और एसटीएफ की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
Darbhanga News: एसटीएफ और दरभंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
प्रशिक्षु आईपीएस सह थानाध्यक्ष डॉ. केतन अशोक इंगोले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिल्ली मोड़ स्थित बस स्टैंड पर जाल बिछाया। एंटी नारकोटिक्स डिपार्टमेंट, पटना से सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति मादक पदार्थ की बड़ी खेप लेकर बस से उतरने वाले हैं। जैसे ही तीनों संदिग्ध बस से उतरे, टीम ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पिट्ठू बैग से 18 डब्बों में रखी कुल 221 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी कीमत लाखों में है।
गिरफ्तार तस्करों में से एक, रत्नेश कुमार से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क के तार पटना से भी जुड़े होने का खुलासा हुआ। उसकी निशानदेही पर पटना में भी छापेमारी की गई, जहां से 10 डब्बों में रखी हेरोइन के साथ दो और कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पटना में पकडे गए लोगों के पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी, सोने की अंगूठी और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, और इस संबंध में शाहपुर थाने में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
असम से पटना तक फैला था नेटवर्क
दरभंगा के दिल्ली मोड़ से गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के फेनहारा थाना क्षेत्र निवासी कुंदन प्रसाद, दीपू कुमार और रत्नेश कुमार के रूप में हुई है। वहीं, पटना से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में समस्तीपुर निवासी मनीष सिंह और कन्हैया कुमार शामिल हैं। जांच में पता चला है कि यह गिरोह लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी में सक्रिय था।
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हेरोइन की यह खेप असम के सिलचर से लाई जा रही थी और इसे पटना में सप्लाई किया जाना था। गिरफ्तार आरोपी रत्नेश कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी गुवाहाटी में जेल जा चुका है। जब्त की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस अब इस गैंग में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह खेप केवल पटना के लिए थी या इसे दरभंगा समेत अन्य जिलों में भी पहुंचाया जाना था।






