
Nawada News: जंगल के सन्नाटे में जब मौत का तांडव रचा गया, तो दहशत की गहरी खाई ने ग्रामीणों को निगल लिया। प्रकृति का यह अनियंत्रित रूप अब इंसानी बस्तियों की ओर बढ़ रहा है, अपने पीछे तबाही का निशान छोड़ता हुआ।
Nawada News: जिले में हाथियों के हमले से दहशत
नवादा जिले के रजौली प्रखंड स्थित जंगली इलाकों में इन दिनों मौत का साया मंडरा रहा है। हाथियों के एक हिंसक झुंड ने न केवल एक ग्रामीण की जान ले ली, बल्कि पशुधन को भी अपना निशाना बनाया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल है। देर रात हाथियों के झुंड ने जंगल से सटे एक गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, एक व्यक्ति को हाथियों ने बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रेष्ठ कृष्ण ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की जान गई है और दो पशु भैंसों को भी हाथियों ने अपना शिकार बनाया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है और हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर भगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच, ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ग्रामीणों में व्याप्त है भय का माहौल
हाथियों के इस लगातार बढ़ते हाथियों का उत्पात ने ग्रामीणों की रातों की नींद हराम कर दी है। खेती-बाड़ी और मवेशियों को लेकर भी लोग चिंतित हैं। स्थानीय लोग वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जंगल से सटे गांवों में अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन इस बार का हमला ज्यादा घातक रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं और ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं वन क्षेत्रों में मानवीय अतिक्रमण और हाथियों के प्राकृतिक आवास के सिकुड़ने के कारण बढ़ रही हैं। ऐसे में, दीर्घकालिक समाधानों पर विचार करना अत्यंत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




