
Bihar NH Projects: विकास की ट्रेन सरपट दौड़ रही हो और अचानक हरी झंडी लाल हो जाए, तो मंज़िल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बिहार में सड़क विकास की ऐसी ही कुछ तस्वीर बन गई है, जहां 26 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं वन विभाग की शर्तों की वजह से अटकी पड़ी हैं। केंद्र सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए 31 मई तक की समय सीमा तय कर दी है।
बिहार NH Projects: बिहार में सड़क विकास को ग्रहण, 26 परियोजनाएं रद्द होने की कगार पर?
बिहार NH Projects: अटकी विकास की रफ्तार, वन विभाग की शर्तों से चुनौती
बिहार के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य में कुल 26 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं। इन परियोजनाओं पर ग्रहण लगने का कारण वन विभाग द्वारा निर्धारित की गई शर्तें हैं, जिन पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। यह गतिरोध राज्य के बुनियादी ढांचा विकास के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। केंद्र सरकार ने इस मामले में राज्य सरकार और वन विभाग को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 31 मई तक इन परियोजनाओं को मंजूरी नहीं मिली, तो उन्हें रद्द किया जा सकता है।
नेशनल हाईवे परियोजनाओं का अटकना बिहार की प्रगति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के भीतर और बाहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करना है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की आवाजाही सुगम हो सके। मौजूदा स्थिति से इन सभी लक्ष्यों पर पानी फिरता दिख रहा है।
केंद्र की चेतावनी और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे पर असर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बिहार सरकार और राज्य के वन विभाग को स्पष्ट संदेश दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि यदि निर्धारित समय-सीमा यानी 31 मई तक सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वन संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त नहीं होती हैं, तो मंत्रालय इन परियोजनाओं को रद्द करने का कड़ा कदम उठा सकता है। यह चेतावनी कोई साधारण बात नहीं है, क्योंकि इसका सीधा असर हजारों करोड़ रुपये के निवेश और लाखों लोगों को मिलने वाले लाभ पर पड़ेगा।
इन अटकी हुई परियोजनाओं में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे जैसी कई बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। यह एक्सप्रेसवे बिहार के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला एक लाइफलाइन प्रोजेक्ट है, जिसके पूरा होने से यात्रा समय में भारी कमी आएगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा भी कई अन्य महत्वपूर्ण सड़कें हैं, जिनका निर्माण कार्य रुका हुआ है। देशज टाइम्स बिहार का N0.1 आपको हर खबर से अपडेट रखता है। वन विभाग और संबंधित अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी से यह गतिरोध पैदा हुआ है, जिसे जल्द से जल्द सुलझाना आवश्यक है।
इन परियोजनाओं के रद्द होने की स्थिति में न केवल राज्य के विकास की गति धीमी पड़ेगी, बल्कि भविष्य में केंद्र से ऐसी परियोजनाओं के लिए फंडिंग प्राप्त करने में भी मुश्किल आ सकती है। बिहार सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान निकालना होगा ताकि ये महत्वपूर्ण परियोजनाएं पटरी पर लौट सकें और राज्य का अपेक्षित बुनियादी ढांचा विकास जारी रह सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको सच्ची और सटीक खबरें दिखाता है।
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