
Ramnavami Mela: आस्था का सैलाब जब उमड़ता है तो मौसम की बेरुखी भी उसके सामने घुटने टेक देती है। कमतौल स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल अहल्यास्थान में राजकीय रामनवमी मेला के तीसरे दिन शनिवार को मौसम ने आंख-मिचौली का खेल दिखाया, लेकिन भक्तों की आस्था डिगी नहीं। सुबह बूंदाबांदी के बाद धूप खिलते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
Ramnavami Mela पर मौसम का असर
शनिवार की सुबह की शुरुआत हल्की बूंदाबांदी और आसमान में छाए बादलों के साथ हुई, जिससे मेले में आने वाले लोगों की गति कुछ समय के लिए थम सी गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मौसम का बदला मिजाज मेले की रौनक को फीका कर देगा। लेकिन जैसे ही दिन चढ़ा और सूरज ने बादलों को चीरकर अपनी किरणें बिखेरीं, भक्तों का जत्था अहल्यास्थान की ओर उमड़ पड़ा। यह सिलसिला देर शाम तक अनवरत जारी रहा।
अहल्या गौतम धार्मिक न्यास के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर ने बताया कि सुबह बारिश की प्रबल आशंका के चलते काफी कम संख्या में लोग पहुंचे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, सुबह 10 बजे के बाद जैसे ही मौसम साफ हुआ, हजारों की संख्या में श्रद्धालु मेला परिसर में पहुंचने लगे। शुक्रवार को भी यहां भक्तों का तांता लगा रहा और शनिवार को भी यह क्रम बना रहा। लोगों ने पहले मंदिर में माता अहल्या के दर्शन-पूजन किए और बैगन का भार चढ़ाकर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद सभी मेले का आनंद लेने में व्यस्त हो गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
श्रद्धालुओं ने उठाया मेले का भरपूर आनंद
अहल्या गहबर के सहयोगी पुजारी कामेश्वर मिश्रा ‘राम जी’ के अनुसार, शुक्रवार देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही और शनिवार को भी सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। मेले में पहुंचे लोगों ने दर्शन-पूजन के बाद जमकर खरीदारी की और खाने-पीने की चीजों का लुत्फ उठाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बच्चों से लेकर बड़े तक, सभी के चेहरे पर मेले का उल्लास साफ नजर आ रहा था।





