
मुंगेर कुश्ती: जब अखाड़े में उतरते हैं देहाती शेर, तो मिट्टी की खुशबू में घुंघरू नहीं, बल्कि दांव-पेच की गूंज सुनाई देती है। मुंगेर के पचरूखी में ऐसा ही रोमांचक नजारा देखने को मिला, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुंगेर कुश्ती: पचरूखी के अखाड़े में पहलवानों ने गाड़े झंडे, बबलू मिरचैइया बने चैंपियन
मुंगेर कुश्ती: परंपरा और शौर्य का संगम
धरहरा प्रखंड के पचरूखी स्थित चैती दुर्गा मंदिर प्रांगण में बीते शनिवार को पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। पूजा समिति द्वारा आयोजित इस दंगल में स्थानीय पहलवानों के साथ-साथ आसपास के कई प्रखंडों और गांवों से आए धुरंधर खिलाड़ियों ने अपने दमखम का शानदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों दर्शकों की भारी भीड़ ने इस आयोजन को एक उत्सव में बदल दिया, जहां हर दांव पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज रही थी।
इस रोमांचक प्रतियोगिता में धरहरा प्रखंड के अतिरिक्त जमालपुर, मुंगेर, बरियारपुर सहित लगभग दो दर्जन से अधिक गांवों से कुल 42 पहलवानों ने भाग लिया। अखाड़े में एक से बढ़कर एक रोमांचक कुश्तियां देखने को मिलीं, जिसने मैदान में मौजूद दर्शकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। हर मुकाबले में दांव-पेच और शक्ति प्रदर्शन का अद्भुत नजारा था।
प्रतियोगिता के अंत में, तौखिर दियारा निवासी बबलू उर्फ मिरचैइया ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आधा दर्जन से अधिक पहलवानों को पराजित कर प्रथम स्थान हासिल किया और चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं धरहरा प्रखंड के अदलपुर निवासी शंभू पहलवान ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी कुश्ती कला का परिचय दिया, जबकि तौफिर दियारा के सोनू कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता के दौरान हर मुकाबले पर दर्शकों की जोरदार तालियां और उत्साह देखने लायक था। विजेताओं को पूजा समिति की ओर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को भी सम्मान प्रदान किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि क्षेत्र की गौरवशाली पहचान है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रोमांचक मुकाबले और सामाजिक सौहार्द
इस अवसर पर पूजा समिति के सचिव महेश यादव, ईटवा पंचायत के सरपंच निरंजन तांती, समाजसेवी निलेश सिंह उर्फ बिंकू, छोटू सिन्हा, पप्पू यादव, सुबोध गोस्वामी, छत्तीस कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इन सभी ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया और इस ग्रामीण कुश्ती प्रतियोगिता के महत्व को रेखांकित किया।
पूजा समिति के सचिव महेश यादव ने बताया कि पचरूखी चैती दुर्गा मंदिर प्रांगण में पिछले 15 वर्षों से लगातार कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह परंपरा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जिसमें मुंगेर जिले के अलावा अन्य जिलों से भी पहलवान भाग लेने आते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह आयोजन न केवल ग्रामीण खेल परंपरा को जीवित रखने का माध्यम बना है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूती प्रदान करता है। हर वर्ष आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का मंच प्रदान करती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


