
Quiz Competition: ज्ञान की रणभूमि में जब सवालों के तीर चले, तो हनुमाननगर के होनहारों ने अपने दिमाग के तरकश से जवाबों के बाण निकालकर सबको चकित कर दिया। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता ने छात्रों की प्रतिभा को एक नया मंच प्रदान किया।
रूपौली हाइस्कूल में हुई शानदार Quiz Competition
हनुमाननगर प्रखंड क्षेत्र स्थित रूपौली हाइस्कूल के सभागार में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच विज्ञान और गणित जैसे विषयों के प्रति गहरी रुचि पैदा करना और उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस वर्ष की प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम सिद्धांत’ रखा गया था, जो आज के तकनीकी युग में अत्यंत प्रासंगिक है। इस जटिल विषय पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देकर छात्रों ने साबित कर दिया कि वे आधुनिक विज्ञान की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विशेष रूप से, Artificial Intelligence से जुड़े सवालों पर छात्रों की गहरी समझ देखने को मिली। प्रतियोगिता के बाद, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति-चिह्न, पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके चेहरे खिल उठे।
जूनियर और सीनियर वर्ग में इन्होंने मारी बाजी
प्रतियोगिता को दो वर्गों में विभाजित किया गया था, ताकि हर स्तर के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिल सके। दोनों ही वर्गों में मुकाबला काफी कड़ा रहा। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
- कक्षा 9 एवं 10 (जूनियर वर्ग): कल्प कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, मानसी दूसरे स्थान पर रहीं और साधना ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- कक्षा 11 एवं 12 (सीनियर वर्ग): दुर्गा कुमारी ने प्रथम स्थान पर अपना परचम लहराया, जबकि गुंजन को द्वितीय और कृतिका को तृतीय पुरस्कार से संतोष करना पड़ा।
नवाचार की सोच को प्रोत्साहित करना उद्देश्य: प्रधानाध्यापक
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रधानाध्यापक निलय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उनकी रचनात्मकता को पंख देने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों में नवाचार की सोच को प्रोत्साहित करना है ताकि वे भविष्य की तकनीकों के प्रति जागरूक बनें।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस कार्यक्रम की सफलता ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन मिलने पर छोटे शहरों के छात्र भी बड़ा कमाल कर सकते हैं।
इस अवसर पर शिक्षक मोहम्मद ज़ियाउल्लाह इक़बाल, सुमित कुमार लाल दास, राजीव कुमार, प्रमोद कुमार राय, कुमारी संध्या, विवेका कुमारी, आयुषी परमार, पिहू कुमारी, रीना हेम्ब्रम, सूर्यनारायण महतो एवं श्री कृष्ण सिंह सहित अन्य कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिक्षकों की उपस्थिति ने छात्रों में एक नए जोश का संचार किया। कार्यक्रम का समापन सभी विजेताओं और प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






