
Darbhanga News: जैसे कुम्हार गीली मिट्टी को करीने से आकार देता है, ठीक वैसे ही बच्चों के भविष्य की नींव उनके शुरुआती स्कूल में रखी जाती है। दरभंगा के एक प्ले स्कूल ने अपने वार्षिकोत्सव पर इसी भावना को बड़ी खूबसूरती से साकार किया।Darbhanga News: शहर के कबड़ाघाट स्थित नारायणस माय प्ले स्कूल में ‘वार्षिकोत्सव सह वर्गारंभ समारोह’ का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। यह स्कूल नई दिल्ली के प्रसिद्ध ‘माय छोटा स्कूल’ की फ्रेंचाइजी है, जो ‘इंटरनेशनल एजुकेशन फॉर एवरीवन’ के सिद्धांत पर काम करता है। स्कूल की निदेशक डॉ. अंजू कुमारी की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। इस अवसर पर स्कूल के मेंटर डॉ. आर. एन. चौरसिया, प्रिंसिपल अनुपम कुमारी सहित कई शिक्षक, छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।
Darbhanga News: खेल-खेल में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन पर जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद, स्कूल के मेंटर डॉ. आर. एन. चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह प्ले स्कूल ‘लर्निंग बाय डूइंग’ की अवधारणा पर जोर देता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को परिवार जैसा सुरक्षित और अपनापन भरा माहौल देना है, ताकि उनकी आधारशिला मजबूत हो सके। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को भी बच्चों के जीवन में उतारना है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।अध्यक्षीय संबोधन में स्कूल की निदेशक डॉ. अंजू कुमारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा की सफलता शिक्षक और अभिभावकों के आपसी सहयोग पर ही निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “ये बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। इन्हें कड़ाई से नहीं, बल्कि प्रेम से ज्ञान और अनुशासन सिखाया जा सकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल की शिक्षिकाएं अनुभवी और समर्पित हैं, जो बच्चों के लिए एक मार्गदर्शक और पारिवारिक सदस्य की तरह हैं।स्कूल की प्रिंसिपल अनुपम कुमारी ने सभी का स्वागत करते हुए स्कूल की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यहां खेलकूद की बेहतरीन व्यवस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, पूरा ध्यान दिया जाता है। सभी राष्ट्रीय पर्व और त्यौहार बच्चों के साथ मिलकर उत्साह से मनाए जाते हैं। इसी समारोह में बच्चों का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड भी अभिभावकों को सौंपा गया।
अभिभावकों ने भी साझा किए अपने अनुभव
शिक्षिका वैष्णवी कुमारी ने बच्चों के प्रोग्रेस रिपोर्ट पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि स्कूल में व्यावहारिक ज्ञान को सरल तरीके से सिखाया जाता है, जिससे बच्चे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनते हैं। इस अवसर पर कई अभिभावकों, जिनमें डॉ. माधवी कुमारी, अनुराधा अग्रवाल, और कृति पंसारी शामिल थीं, ने स्कूल के साथ अपने सकारात्मक अनुभवों को साझा किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।अभिभावकों ने स्कूल के माहौल और पढ़ाने के तरीके की खूब सराहना की। कार्यक्रम का समापन प्रशांत कुमार झा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह वार्षिकोत्सव न केवल बच्चों के लिए बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक यादगार दिन बन गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।




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