
Ram Navami: जैसे सदियों पहले प्रभु श्री राम के चरण रज से एक शिला में प्राणों का संचार हो गया था, ठीक वैसे ही आज उनकी छठी पर वही अहल्या की धरती भक्ति और उल्लास के महासागर में गोते लगा रही है। मौका है कमतौल स्थित प्रसिद्ध अहल्यास्थान में भगवान राम के छठियार उत्सव का, जिसके लिए राम-जानकी मंदिर समेत कई देवालयों में भव्य तैयारियां की गई हैं। बुधवार की देर शाम पूरा इलाका सोहर और बधाइयों से गूंज उठेगा।
Ram Navami के बाद अब छठी की धूम, जानें क्या है खास
अहल्या गौतम धार्मिक न्यास के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर और सदस्य उमेश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि छठियार उत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में मंगलवार से ही 24 घंटे का अखंड रामनाम धुन का पाठ शुरू हो चुका है, जिसका समापन बुधवार की दोपहर में होगा। समापन के तुरंत बाद श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा-अर्चना की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद देर शाम पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान राम का छठियार उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें भजन-कीर्तन के साथ-साथ सोहर और बधाई गीत गाए जाएंगे।

अभिषेक, दिव्य श्रृंगार और 56 भोग की तैयारी
बुधवार की सुबह से ही मंदिर में विशेष अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। उत्सव के तहत होने वाले कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है:
- सर्वप्रथम भगवान राम सहित चारों भाइयों का मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक पूजन किया जाएगा।
- इसके बाद सभी विग्रहों को नए वस्त्र धारण कराकर उनका दिव्य श्रृंगार किया जाएगा।
- भगवान को 56 प्रकार के विभिन्न पकवानों का महाभोग लगाया जाएगा।
- महाभोग के बाद भगवान की भव्य आरती उतारी जाएगी और उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
इस पूरे आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। दूर-दूर से लोग इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए अहल्यास्थान पहुंच रहे हैं।
अखंड रामधुन से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
छठियार उत्सव से एक दिन पहले ही पूरा मंदिर परिसर ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ के अखंड जाप से भक्तिमय हो गया। 24 घंटे तक चलने वाले इस अखंड रामधुन में कई कीर्तन मंडलियां और श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में एक आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यास के पदाधिकारियों ने बताया कि छठियार का यह उत्सव हर साल धूमधाम से मनाया जाता है और यह इस पवित्र अहल्यास्थान की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। उत्सव के सफल आयोजन के लिए न्यास के सभी सदस्य और स्थानीय लोग पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं।








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