
Indian Knowledge System: दरभंगा की धरती पर ज्ञान की ऐसी धारा बही जिसमें आधुनिक विज्ञान और प्राचीन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पीएम श्री योजना के तहत जवाहर नवोदय विद्यालय, पचाढ़ी में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह कार्यक्रम 29 मार्च से 31 मार्च तक आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके अकादमिक विकास के साथ-साथ भारतीय ज्ञान, संस्कृति, भाषा और नैतिक मूल्यों की जड़ों से जोड़ना था।इस विशेष व्याख्यान श्रृंखला में बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के प्रतिष्ठित विद्वानों ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। गणित विभाग के प्रोफेसर डॉ. गुड्डू कुमार और हिंदी विभाग के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार चौधरी ने अपने ज्ञान से छात्रों का मार्गदर्शन किया। इस कार्यक्रम ने जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
क्या है Indian Knowledge System और क्यों है यह जरूरी?
प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने अपने नौ व्याख्यानों के माध्यम से भाषा के महत्व, भारतीय सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक व्यवहार के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने अपने व्याख्यानों को रोचक बनाने के लिए हास्य कविताओं का भी पाठ किया, जिसके माध्यम से उन्होंने वर्तमान पीढ़ी के छात्रों की स्थिति पर एक व्यंग्यात्मक लेकिन सहज टिप्पणी की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने ‘कोसी पुत्र’ और ‘पत्रकारिता के सैद्धांतिक आयाम’ जैसे विषयों पर चर्चा करके छात्रों को साहित्य और पत्रकारिता की दुनिया से भी परिचित कराया।
वहीं, प्रोफेसर गुड्डू कुमार ने अपने आठ व्याख्यानों में पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को तार्किक चिंतन, गणितीय दृष्टिकोण अपनाने और शिक्षा के व्यावहारिक उपयोग को समझने के लिए प्रेरित किया। उनका मुख्य जोर छात्रों में वैज्ञानिक सोच और विश्लेषणात्मक कौशल विकसित करने पर था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
हास्य कविताओं से लेकर गणितीय सूत्रों तक, छात्रों ने क्या सीखा?
व्याख्यान श्रृंखला को केवल एक तरफा संवाद तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई। विषयों को सरल, संवादात्मक और रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया, जिससे छात्रों में सीखने की उत्सुकता बढ़ी और उनमें एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ। छात्रों ने न केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि जीवन जीने की कला भी सीखी।कार्यक्रम का सफल आयोजन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्र सेन के कुशल मार्गदर्शन और पीएम श्री प्रभारी गुणानंद पाठक के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण नीलम शर्मा, अरविंद मिश्रा, नवीन तिवारी, एस.के. कैलाश झा, आलोक शर्मा, बिंदु रानी, और भागवत प्रसाद सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।







