
Gopalganj Road Accident: नियति का खेल भी बड़ा निराला होता है, कभी-कभी खुशियों के बीच मातम पसर जाता है तो कभी मातम में शामिल होने जा रहे लोगों पर ही मौत का साया मंडराने लगता है। दरभंगा के एक परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जब वे अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली से गांव लौट रहे थे।
बिहार के दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र के सोतिया गांव का एक परिवार अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से पिकअप वैन में सवार होकर आ रहा था, लेकिन रास्ते में ही वे एक भयानक हादसे का शिकार हो गए। गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह हुई इस दुर्घटना में चालक सहित सभी सत्रह लोग बाल-बाल बच गए। ऐसा लगा मानो मौत उन्हें बस छूकर निकल गई हो। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
मृतका के घायल बेटे संजीत साह किसी तरह चार अन्य लोगों के साथ वहां से निकले और मंगलवार देर शाम अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाए। परिवार के बाकी सदस्य बुधवार दोपहर तक सकुशल घर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल पिकअप चालक, जो गांव के ही अमीरी यादव के बेटे बबुआ हैं, उनका इलाज शहर के एक अस्पताल में चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Gopalganj Road Accident: ओवरटेक कर रही बोलेरो ट्रक से टकराई
मृतका के पति सागर साह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि शनिवार को पत्नी की अचानक मृत्यु से परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। मातम के इस माहौल में जब दुर्घटना की खबर मिली तो दिल और बैठ गया। हालांकि, जब यह पता चला कि सभी सुरक्षित हैं, तब जाकर मन को थोड़ी शांति मिली। उन्होंने कहा, “पुत्र और बाकी परिजनों के इंतजार में तीन दिन कैसे बीते, यह दर्द बयां नहीं किया जा सकता।”
घटना के चश्मदीद और घायल संजीत साह ने बताया कि चालक समेत तीन लोग पिकअप के केबिन में बैठे थे, जबकि बाकी सभी लोग पीछे बॉडी में सवार थे। पिकअप की रफ्तार बहुत तेज नहीं थी। डुमरिया घाट के पास एक बोलेरो ने उनकी पिकअप को ओवरटेक किया और आगे निकल गई, लेकिन तभी वह सामने से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गई। जोरदार टक्कर के बाद बोलेरो दूसरे लेन पर जा गिरी और उनकी पिकअप उससे टकरा गई। इस भीषण सड़क दुर्घटना में पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इस टक्कर में केबिन में बैठे तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पीछे बॉडी में बैठे लोगों को भी चोटें आईं। चालक के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए और दो लोगों के सिर फट गए। संजीत ने बताया कि बॉडी में बैठे उनके एक बहनोई को सीने में चोट लगी है और एक बच्चे का हाथ भी टूट गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। घायलों में अहियारी गोट निवासी बहनोई रामदेव साह और मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना अंतर्गत शिवनगर गांव के बहन-बहनोई और उनके चार बच्चे शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
“कि भेलई, कि भेलई” कहकर मच गई चीख-पुकार
हादसे के एक और शिकार रामदेव साह ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि दुर्घटना के समय बॉडी में बैठे ज्यादातर लोग या तो सो रहे थे या ऊंघ रहे थे। अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और सबकी नींद खुल गई। चारों तरफ “कि भेलइ, कि भेलई” (क्या हुआ, क्या हुआ) की चीख-पुकार मच गई और लोग डरकर एक-दूसरे से लिपट गए।
कोई अपना पेट पकड़े तो कोई हाथ पकड़े पिकअप से बाहर निकला। रामदेव ने कहा, “जब मैं किसी तरह बाहर निकला, तो बाहर का नजारा देखकर दंग रह गया। सड़क पर क्षतिग्रस्त गाड़ियां, टूटे शीशे और खून के छींटे भयावहता की कहानी कह रहे थे। ऐसा लगा जैसे मौत हमें छूकर निकल गई हो।” उन्होंने बताया कि सभी घायल दर्द से कराहते हुए सड़क किनारे बैठ गए। दूसरों की हालत देखकर वह अपना दर्द भूल गए। भगवान का शुक्र है कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।







