दरभंगा लूट: बिहार के दरभंगा में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती दी है। भीड़भाड़ वाले बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हथियारों के बल पर करीब 2 करोड़ रुपए के जेवरात और लाखों की नकदी लूट ली गई। इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जुट गई है, लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
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कैसे दिया गया दरभंगा लूट को अंजाम?
यह वारदात नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार में दोपहर के समय हुई। प्रेम ज्वेलर्स के प्रोपराइटर मनोज ठाकुर के मुताबिक, इस दरभंगा लूट की वारदात को चार हथियारबंद बदमाशों ने अंजाम दिया। इनमें से तीन के चेहरे पर नकाब था, जबकि एक बिना नकाब के था। दुकान में घुसते ही बदमाशों ने पिस्तौलें लहराते हुए कर्मचारियों और प्रोपराइटर के साथ मारपीट शुरू कर दी।
उन्होंने आलमारियां खोलने को कहा और विरोध करने पर भी हमला करते रहे। लुटेरों ने साथ लाए बैग में लगभग 2 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 20 से 25 लाख रुपये नकद भर लिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। घटना के दौरान प्रोपराइटर के साले रणधीर ठाकुर से भी 5 लाख रुपये नकद और गले से सोने की चेन छीन ली गई। लुटेरों ने दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज के डीवीआर को भी तोड़ दिया, हालांकि बाद में डेटा सुरक्षित पाया गया। लुटेरे दुकान से निकलकर कुछ दूर पैदल गए और फिर बाइक से फरार हो गए। अपराधियों की भाषा बेगूसराय और रोसड़ा क्षेत्र के लोगों जैसी लग रही थी।






पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय लोगों का गुस्सा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी, सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी, प्रशिक्षु आईपीएस और सदर एसडीपीओ राजीव कुमार समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए, लेकिन अभी तक लुटेरों की पहचान नहीं हो पाई है। जिले सहित मिथिला क्षेत्र के तीनों जिलों में नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। प्रोपराइटर मनोज ठाकुर ने शिकायत की है कि घटना की सूचना देने के लगभग आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जिससे लुटेरों को भागने का पूरा समय मिल गया।
पुरानी घटनाओं से तुलना और पुलिस पर सवाल
स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस की निष्क्रियता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि बड़ा बाजार एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, लेकिन यहां पुलिस गश्त नहीं होती, जिसके कारण आए दिन आपराधिक घटनाएं घट रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 9 दिसंबर 2020 को भी बड़ा बाजार स्थित अलंकार ज्वेलर्स में 5 करोड़ रुपए की बड़ी ज्वेलरी लूट हुई थी। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने गश्त व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया। वहीं, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बाकरगंज स्थित सोने-चांदी की मंडी में सुबह से लेकर दुकान बंद होने तक पुलिस गश्त करती रहती है, जो बड़ा बाजार के साथ हो रहे भेदभाव को उजागर करता है। एसएसपी ने बताया कि सिटी एसपी के नेतृत्व में चार एसआईटी टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








