
Darbhanga Gold Robbery: के बाद दरभंगा के स्वर्ण व्यवसायी डकैती की घटना से दहले हुए हैं। बड़ा बाजार में हुई वारदात के बाद व्यापारियों ने एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें आक्रोश और भय का माहौल साफ दिखा। हालांकि, वरीय पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद हड़ताल का फैसला टाल दिया गया है।
दरभंगा के बड़ा बाजार में हुई डकैती की सनसनीखेज घटना के बाद इलाके के स्वर्ण व्यवसायियों में भारी नाराजगी है। इसी क्रम में, दरभंगा और लहेरियासराय के सभी प्रमुख स्वर्ण व्यवसायियों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य घटना की समीक्षा करना था। बैठक में सभी व्यापारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि इस वारदात से कारोबारियों में भय का माहौल बन गया है।
Darbhanga Gold Robbery: व्यापारियों में भय और आक्रोश
बैठक के दौरान व्यापारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बड़ा बाजार में पुलिस गश्ती के अभाव के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बाकरगंज के व्यापारियों ने उदाहरण देते हुए बताया कि वहां नियमित पुलिस गश्ती होती है और इसी तरह की व्यवस्था बड़ा बाजार में भी होनी चाहिए, जहां लगभग 100 स्वर्ण व्यवसायियों की दुकानें हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कई सदस्यों ने घटना के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करने का सुझाव दिया, जबकि कुछ इसके पक्ष में नहीं थे।
SSP के आश्वासन पर टला हड़ताल का फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री पवन कुमार सुरेका ने तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक से बात की। एसएसपी ने उन्हें बताया कि इस मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है और सफलता भी मिल रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, हालांकि पूर्ण जानकारी अभी साझा नहीं की जा सकती। वरीय पुलिस अधीक्षक के इस आश्वासन के बाद, सभी उपस्थित स्वर्ण व्यवसायी पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट दिखे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। व्यापारियों ने फिलहाल दुकानें बंद रखने के विचार को स्थगित कर दिया और सोमवार को आगे की समीक्षा के लिए पुनः बैठक करने का निर्णय लिया।
बैठक में प्रमुख उपस्थिती
इस महत्वपूर्ण बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पवन कुमार सुरेका, प्रधान सचिव सुशील कुमार जैन, स्वर्ण व्यवसायी संघ के अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद, रजनीश राज, पवन लाट, सुभाष खाती, ध्रुव ठाकुर, मनोज ठाकुर, पवन वर्मा सहित 100 से अधिक Darbhanga Gold Robbery से प्रभावित स्वर्ण व्यवसायी मौजूद रहे।
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