
मुंगेर जमीन घोटाला: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में मुंगेर में 1.70 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए पेशकार मुकेश कुमार की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। इस मामले में सिर्फ पेशकार ही नहीं, बल्कि कई बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सामान्य प्रशासन विभाग इस मामले में सख्त कदम उठाने जा रहा है, जिसकी पुष्टि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने की है। उन्होंने बताया कि कड़ी कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र भेजा जाएगा, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई तेज की जाएगी।
रिश्वतखोरी और फर्जीवाड़े का जाल
इस पूरे मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2022 में साहेबपुर कमाल अंचल के तत्कालीन सीओ और बलिया के डीसीएलआर द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर तीन कट्ठा चार धूर सरकारी जमीन को मोहम्मद जावेद के नाम हस्तांतरित करने का एक संदिग्ध मामला सामने आया था। इस जमीन के हस्तांतरण में दोनों अधिकारियों की भूमिका अब जांच के घेरे में आ गई है। दरअसल, यह मामला बेगूसराय जमीन घोटाला से जुड़ा है। भागलपुर निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी मुंगेर से और दो बेगूसराय से पकड़े गए हैं। सभी आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भागलपुर लाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुंगेर जमीन घोटाला: अधिकारियों की भूमिका और जांच का दायरा
यह पूरा प्रकरण बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल अंचल के पंचवीर पंचायत की सरकारी जमीन से संबंधित है। आरोप है कि इस जमीन को बचाने के नाम पर भारी घूस की मांग की जा रही थी। निगरानी टीम ने मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में तैनात पेशकार मुकेश कुमार को उनके कार्यालय कक्ष से 1 लाख 70 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि पंचवीर पंचायत के पूर्व मुखिया नंदकिशोर प्रसाद ने इस जमीन मामले को प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में चुनौती दी थी। लगभग पौने दो करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली करीब तीन कट्ठा चार धुर जमीन को फर्जी कागजात के आधार पर मो. जावेद व अन्य के नाम दाखिल-खारिज कर दिया गया था।
क्या है पूरा मामला और आगे की कार्रवाई?
वादी के अनुसार, पेशकार मुकेश कुमार ने फैसले को प्रभावित करने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी। ग्रामीणों से चंदा जुटाकर पहले ही तीन लाख रुपये दिए जा चुके थे। शेष राशि (1 लाख 70 हजार रुपये) देते समय निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर आरोपी को धर दबोचा। इस बड़े मुंगेर जमीन घोटाला मामले में पहले ही पटना के निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने यह सफल कार्रवाई की। गिरफ्तार सभी आरोपियों को भागलपुर के निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






