
Motihari Poisonous Liquor: पूर्वी चंपारण का मोतिहारी एक बार फिर मातम में डूबा है। पिछले 48 घंटों में जहरीली शराब ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैल गया है। पहले जहां 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, वहीं अब तक यह आंकड़ा 8 तक पहुंच चुका है और घायलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
मृतकों का आंकड़ा बढ़ा, कई परिवार हुए तबाह
जानकारी के अनुसार, पूर्वी चंपारण के विभिन्न इलाकों में जहरीली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआती रिपोर्ट्स में 5 मौतों की बात कही गई थी, लेकिन शनिवार शाम तक यह संख्या 8 हो गई। मरने वालों में रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के हरदिया निवासी लालकिशोर राय और बालगंगा के मुसहरी टोला निवासी लड्डू साह भी शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लड्डू साह, जो टेम्पो चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे, उनकी मौत के बाद उनकी 5 बेटियां बेसहारा हो गई हैं। यह घटना राज्य में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब के कारोबार की भयावह तस्वीर पेश करती है। बताया जा रहा है कि लड्डू साह का इलाज एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
फॉरेंसिक जांच में भी पुष्टि हुई है कि लोगों ने शराब के नाम पर ज़हर पीया था। शराबबंदी वाले बिहार में मैथनॉल से बनी यह जहरीली शराब ज़हर बनकर परोसी जा रही है।
Motihari Liquor Tragedy: पीड़ितों का दर्द और मौत का आंकड़ा
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में हुई इस Motihari Liquor Tragedy में एक अन्य व्यक्ति के मौत की खबर है, जिसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, एक दर्जन से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। शनिवार को तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया शेखशरण टोला के निवासी 50 वर्षीय इलियास अंसारी ने भी दम तोड़ दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उसे मोतिहारी सदर अस्पताल से पटना रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद जहरीली शराबकांड में मृतकों की कुल संख्या 7 हो गई।
इनकी भी हो चुकी है मौत:
- जयसिंहपुर पुलवाघाट के चंदू प्रसाद
- परसौना के प्रमोद यादव
- परिक्षण मांझी
- बालगंगा के संपत साह
- हरदिया के हरि भगत
- लालकिशोर राय
- बालगंगा के मुसहरी टोला निवासी लड्डू साह
वहीं, लोहा ठाकुर, विनोद साह, राहुल पासवान, रविंद्र यादव, दिनेश यादव, उमेश राम, टुनटुन राय, रावण यादव, दिनेश यादव सहित 15 से ज्यादा लोग बीमार हैं। इनमें से आधे लोगों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। फिलहाल मोतिहारी के सदर अस्पताल समेत अन्य हॉस्पिटल में इनका इलाज किया जा रहा है। मरीजों की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर किया जा रहा है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 700 लीटर स्प्रिट बरामद, कई तस्कर गिरफ्तार
मोतिहारी में इस जहरीली शराबकांड के सामने आने के बाद पूर्वी चंपारण जिले और आसपास के इलाकों में पुलिस एवं प्रशासन ने बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान 2 अप्रैल को पिपराकोठी से 700 लीटर स्प्रिट बरामद की गई। इसका सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, जिसमें शुद्ध मैथनॉल की पुष्टि हुई।
मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने शुक्रवार को बताया कि पिपराकोठी से बरामद स्प्रिट का कुछ हिस्सा तुरकौलिया के परसौना एवं बालगंगा में शराब तस्करों को भेजा गया था। पुलिस ने समय रहते इसे जब्त कर लिया, अन्यथा पूरी खेप की सप्लाई हो जाती तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी। ऐसे में, यह किसी नरसंहार से कम नहीं होता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मोतिहारी शराबकांड में अब तक कई शराब माफिया और तस्करों पर पुलिस ने नकेल कसी है। नागा राय, राजा और जम्मू बैठा को गिरफ्तार किया गया है। नागारय ने परसौना और जम्मू बैठा ने बालगंगा क्षेत्र में जहरीली शराब सप्लाई की थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्हें परसौना के खलीफा और सुनील शाह से मैथनॉल वाली स्प्रिट मिली थी, जबकि पिपराकोठी के शराब माफिया कन्हैया और राजा ने यह ‘ज़हर’ मोतिहारी मंगवाया था।
क्या है स्प्रिट और मेथनॉल? कैसे बनता है जानलेवा?
स्प्रिट और मेथनॉल दोनों ही अल्कोहल के रूप होते हैं, लेकिन इनके उपयोग और प्रभाव में बहुत अंतर है। स्प्रिट का उपयोग अधिकतर चिकित्सकीय कार्यों जैसे घाव की सफाई, त्वचा की सफाई, सैनिटाइज़र और कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है। टॉयलेट क्लीनर में भी इसका उपयोग होता है।
वहीं, मैथनॉल इससे भी ज्यादा घातक होता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ईंधन, उद्योग और अन्य रासायनिक क्रियाओं में किया जाता है। मैथनॉल का स्वाद एवं गंध सामान्य शराब की तरह ही होता है, मगर इसकी थोड़ी सी भी अधिक मात्रा शरीर में पहुंचने पर यह लीवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर सीधा हमला करता है। इससे आंखों की रोशनी चली जाती है और लीवर व अन्य अंगों के काम करना बंद कर देने से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस जहरीली शराब कांड में अब तक 17 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रभावितों की वास्तविक संख्या कहीं अधिक हो सकती है। कई लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जिससे सही आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है।
मोतिहारी जहरीली शराब कांड: प्रशासन सख्त, जांच जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने मोतिहारी पहुंचकर जिला प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ तुरकौलिया थाना में पूरे मामले की समीक्षा की और तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीआईजी ने जिले भर में सघन छापेमारी अभियान चलाने को कहा, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस कार्रवाई का ब्यौरा:
- हत्या की धाराओं के तहत 2 अलग-अलग FIR दर्ज की गईं (रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना में)।
- जहरीली शराब बनाने और बेचने के आरोप में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
- जिले भर में चलाए गए अभियान में 39 शराब कारोबारियों को भी पकड़ा गया है।
इस मोतिहारी जहरीली शराब त्रासदी ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और राज्य की शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मोतिहारी शराब त्रासदी: बिहार में जहरीली शराब से हुई मौतों ने एक बार फिर सियासी पारा चढ़ा दिया है। विपक्ष सरकार पर हमलावर है, तो सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाने की नसीहत दे रहा है। ऐसे में जेडीयू ने साफ कर दिया है कि सरकार इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।
बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है। मोतिहारी शराब त्रासदी को लेकर जहां एक ओर विपक्षी दल सरकार की कानून व्यवस्था और बिहार में शराबबंदी की नीति पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सत्ताधारी गठबंधन इसे प्रशासनिक स्तर पर संभाली जाने वाली घटना बताते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है। जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है और प्रशासनिक स्तर पर जांच तथा कार्रवाई जारी है।
कुशवाहा ने कहा कि कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विपक्ष इसे बढ़ा-चढ़ाकर राजनीतिक मुद्दा बना दे। उनके अनुसार, बिहार में लागू बिहार में शराबबंदी कानून पर सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्यमंत्री पद और तेजस्वी के बयान पर JDU का रुख
मोतिहारी की घटना के बीच बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस पर निर्णय एनडीए गठबंधन के स्तर पर लिया जाएगा और जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर भरोसा जताया था, इसलिए आगे भी सरकार उन्हीं के नेतृत्व में चलेगी। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय नीतीश कुमार की इच्छा के अनुसार ही होगा।
इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव द्वारा केरल में एक चुनावी सभा के दौरान बिहार को देश का सबसे गरीब राज्य बताए जाने वाले बयान पर भी जेडीयू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि इस तरह के बयान बिहार और यहां के लोगों का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद राज्य की छवि और गौरव को फिर से स्थापित करने का काम किया है। उनके अनुसार, बिहार के लोग देश और दुनिया में अपनी मेहनत और प्रतिभा से पहचान बना रहे हैं, इसलिए किसी भी नेता को राज्य के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
मोतिहारी शराब त्रासदी पर विपक्ष को घेरा
तेजस्वी यादव द्वारा मोतिहारी शराब कांड पर उठाए गए सवालों पर जेडीयू प्रदेश सचिव साकेत सिंह ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक आधार नहीं है। साकेत सिंह ने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर ट्वीट करने से कुछ नहीं होता, अगर सवाल उठाने हैं तो तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उनके मुताबिक प्रशासन मोतिहारी में लगातार कार्रवाई कर रहा है और मेडिकल टीम भी पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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