
गैस सिलेंडर किल्लत: पिछले एक महीने से लोग अपने सारे काम छोड़कर गैस सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं। रसोई का चूल्हा जलाने के लिए उन्हें भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक तरफ जहां जिला प्रशासन ‘सब सामान्य’ होने का दावा कर रहा है, वहीं हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।जिला प्रशासन के दावों के विपरीत, आमजनों को हो रही परेशानी का नज़ारा रविवार को डिलाही स्थित आरजे भवानी गैस एजेंसी पर साफ दिखा। यहाँ हज़ारों लोग अपने गैस सिलेंडर के लिए घंटों कतार में लगे थे, जबकि एचपी गैस का केवल एक ट्रक, जिसमें लगभग 450 सिलेंडर थे, ही पहुँच पाया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
गैस सिलेंडर किल्लत के बीच प्रशासन मुस्तैद
भीषण गर्मी में लोगों की लंबी कतारों को संभालने के लिए जिला मुख्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। डीडीसी स्वप्निल, एडीएम राजेश कुमार गुप्ता और एडीएम सोनल महतो सुबह 10 बजे से ही गैस एजेंसी पर सक्रिय दिखे। उन्होंने लोगों को कतारबद्ध करवाकर सिलेंडर वितरण सुनिश्चित करवाया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि 31 मार्च तक जिनका नंबर लगा है, उन्हें आज सिलेंडर मिल जाएगा।
अधिकारियों की अपील: धैर्य रखें, मंगलवार से सुधरेगी सिलेंडर आपूर्ति
एडीएम और डीडीसी ने आम जनता से धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में गैस की नियमित आपूर्ति हो रही है, हालांकि एचपी कंपनी की सिलेंडर आपूर्ति अन्य कंपनियों की तुलना में कम है। लेकिन मंगलवार से इसकी आपूर्ति भी सामान्य हो जाएगी।
डीडीसी स्वप्निल ने यह भी बताया कि मंगलवार से एचपी के दो ट्रक सिलेंडर पहुंचने लगेंगे, जिसके बाद होम डिलीवरी की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। एडीएम राजेश कुमार गुप्ता के अनुसार, जैसे ही प्रतिदिन 900 सिलेंडरों की खेप आनी शुरू होगी, स्थिति पहले की तरह सामान्य हो जाएगी। एडीएम सोनल महतो ने आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनकी सुविधा के लिए तत्पर है और गैस आपूर्ति की पूरी निगरानी जिलाधिकारी की देखरेख में चल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंइस बीच, घंटों से गैस सिलेंडर किल्लत के कारण लाइन में लगे लोग गैस एजेंसी संचालक पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आक्रोशित दिखे। उपभोक्ताओं का कहना था कि एजेंसी संचालक जानबूझकर गोदाम पर कम सिलेंडर मंगवाता है, जबकि वह बाहर से ही अन्य वाहनों को गैस बेच देता है। अधिकारियों द्वारा 31 मार्च के बाद वाले उपभोक्ताओं को लाइन से बाहर निकलने की बात कहने पर वे और भड़क गए। उनका कहना था कि सुबह 4 बजे से लाइन में लगे होने के बाद अब उन्हें हटने को कहा जा रहा है।







