
Araria encroachment: बिहार के अररिया में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने प्रशासन की सख्ती और अवैध कब्जे की समस्या को फिर उजागर कर दिया है। भरगामा प्रखंड में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस टीम पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव और आगजनी कर दी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। यह पूरा मामला दशकों पुराने भूमि विवाद से जुड़ा है।
अररिया जिले के भरगामा प्रखंड क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और अधिकारियों की टीम को अतिक्रमणकारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। रघुनाथपुर दक्षिण में 5 एकड़ 44 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और आगजनी भी की। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद अतिक्रमित स्थल को मुक्त करा लिया गया।
Araria encroachment: हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
दरअसल, यह जमीन चंदेश्वरी यादव की थी, जिस पर करीब 20 साल से महादलित परिवार के लोगों ने कब्जा कर रखा था। भूस्वामी चंदेश्वरी यादव ने अपनी जमीन वापस पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। काफी लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, जिसमें चंदेश्वरी यादव बनाम बिहार सरकार का मामला भी शामिल था, हाईकोर्ट ने भूस्वामी के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें मालिकाना हक देने का आदेश दिया। इसी आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने यह कार्रवाई की। यह पूरी घटना Araria encroachment के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है, जहां दशकों पुराना भूमि विवाद अब जाकर सुलझा है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। चंदेश्वरी यादव ने 20 वर्ष पूर्व जमीन का केवाला कराया था और उसका म्यूटेशन भी कराकर लगातार रसीद कटा रहे थे। इसी बीच महादलित परिवार के कुछ लोगों ने इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और लाल कार्ड भी बनवा लिया था।
प्रशासनिक और पुलिस बल की मौजूदगी
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कई दंडाधिकारी और पुलिस बल मौजूद थे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। मौके पर दंडाधिकारी सह बीडीओ शशि भूषण सुमन, बीसीओ जयशंकर झा, राजस्व पदाधिकारी राम उदगार चौपाल, थानाध्यक्ष राजेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष सोनू कुमार, एसआई नितेश सिंह और एसआई रौशन कुमार सहित जिला से आए महिला और पुरुष पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात थे।
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आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस तरह की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त है और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।







