
NIA ATS Raid: सोमवार की सुबह-सुबह नालंदा के बिहारशरीफ में जो हुआ, उसने पूरे शहर को चौंका दिया। अलसुबह 4:45 बजे ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीमों ने अचानक कई ठिकानों पर धावा बोल दिया, जिसमें शहर के मशहूर रवि ज्वेलर्स और पीके गन हाउस भी शामिल थे। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
नालंदा जिले के बिहारशरीफ में सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई ने सोमवार तड़के शहर में हलचल मचा दी। सुबह करीब 4:45 बजे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की। इस अभियान में स्थानीय पुलिस की मदद से कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें शहर के चर्चित प्रतिष्ठान ‘रवि ज्वेलर्स’ और ‘पीके गन हाउस’ प्रमुख रूप से शामिल हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के आसपास जुटने लगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या हुआ बिहारशरीफ में?
यह पूरी कार्रवाई अवैध हथियारों की तस्करी, स्मगलिंग और संदिग्ध सिंडिकेट को खत्म करने के लिए की जा रही है। इस ऑपरेशन में करीब 100 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम शामिल है, जो नौ अलग-अलग ठिकानों को घेरकर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ शहर में दाखिल हुई और अलग-अलग टीमों में बंटकर कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि सबसे पहले जांच एजेंसी की टीम ने संबंधित व्यवसायी के आवास पर दस्तक दी, जहां कई घंटों तक तलाशी अभियान चला। इसके बाद टीम ने घर के नीचे स्थित ज्वेलरी दुकान ‘रवि ज्वेलर्स’ की बारीकी से जांच की। इसी परिसर से सटे ‘पीके गन हाउस’ में भी एजेंसियों ने दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की गहन पड़ताल की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय एजेंसियों की गाड़ियां और सुरक्षाकर्मी पहली बार इलाके में देखे गए। करीब नौ गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान किसी को भी दुकान या परिसर के आसपास आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।
NIA ATS Raid: अब तक क्या जानकारी सामने आई है?
यह छापेमारी मोहम्मद परवेज आलम से जुड़े एक मामले से जुड़ी है, जिसे चार महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। 18 दिसंबर 2025 को परवेज को जमशेदपुर के चार अन्य युवकों के साथ गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने उनके पास से AK-47 के 153 कारतूस और चीन में बनी एक पिस्तौल बरामद की थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस गन हाउस का इस्तेमाल अवैध गोला-बारूद की गैर-कानूनी आवाजाही और सप्लाई चेन को आसान बनाने के लिए एक माध्यम के तौर पर किया जा रहा था। वैसे,मामले को लेकर अभी तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि यह NIA ATS Raid किसी बड़े इनपुट के आधार पर की जा रही है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से संचालित कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
स्थानीय पुलिस भी बेखबर
जांच एजेंसियों के लगभग 10 वाहनों के काफिले ने बिहार शरीफ के लहेरी इलाके को चारों ओर से घेर लिया। उनका मुख्य निशाना राम प्रवेश कुमार का PK गन हाउस एंड संस था, जो लहेरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। टीम फिलहाल दुकान के अंदर मिले हथियारों के स्टॉक, लाइसेंस और दस्तावेजों की क्रॉस-चेकिंग कर रही है। पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पूरी छापेमारी की वीडियोग्राफी भी की जा रही है। इस बीच लहेरी थाना के प्रभारी रंजीत कुमार रजक ने बताया कि उन्हें वरीय अधिकारियों से प्राप्त निर्देश के आधार पर उनके थाने के दो पुलिस पदाधिकारियों को इस अभियान में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छापेमारी का नेतृत्व कौन कर रहा है और इसके पीछे क्या वजह है, इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी गई है। बिहारशरीफ में हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह से अनभिज्ञ दिख रही है।
NIA Raid: छापेमारी की शुरुआत और कार्रवाई
अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। टीम ने दुकान के अंदर मौजूद हथियारों के स्टॉक और सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। नालंदा जिले में करीब छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिनमें मिर्जापुर गांव और राममूर्ति नगर जैसे इलाके भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।
अवैध हथियार सिंडिकेट पर शिकंजा
NIA और ATS की यह संयुक्त कार्रवाई अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और हथियार तस्करी से जुड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए की जा रही है। जांच एजेंसियां हथियारों के नंबर, स्टॉक और लाइसेंस से जुड़े सभी दस्तावेजों का गहन मिलान कर रही हैं, ताकि किसी भी गड़बड़ी का खुलासा हो सके। इस बड़े ऑपरेशन के लिए करीब 100 पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है। पूरी छापेमारी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जा रही है, जिससे हर पहलू को दस्तावेजी रूप दिया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
नालंदा में अवैध हथियारों का इतिहास काफी पुराना रहा है। इस NIA Raid से पहले भी जून 2025 में पुलिस और एसटीएफ ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान रॉबिन यादव और उनके पिता राजेंद्र यादव के ठिकानों से 800 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए थे। एजेंसियों का मानना है कि नालंदा से जुड़े ये हथियार तस्कर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी अवैध हथियारों की बड़ी खेप पहुंचा रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।







