
Iran US Conflict: मध्य पूर्व की अशांत हवाओं में युद्ध की आशंकाएं गहराती जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की चेतावनी को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने ट्रंप के अल्टीमेटम को ‘बेबस’ और ‘घबराया हुआ’ करार देते हुए किसी भी धमकी की परवाह न करने का ऐलान किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ईरान ने स्पष्ट कहा कि होर्मुज नहीं खुलेगा और जिसे जो करना है, वह कर ले। हालांकि, इन तनावपूर्ण हालातों के बीच कुछ एजेंसियों ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की खबरें भी प्रसारित की हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा रुख
ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी को पूरी तरह से नकार दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर शांति समझौता स्वीकार नहीं करता है, तो वे देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को तबाह कर देंगे। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला गया, तो ईरान पर ‘कहर’ टूट पड़ेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इन धमकियों पर बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि ईरानी लोग बिल्कुल भी विचलित नहीं हैं।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरानियों के पास अपनी रक्षा के लिए हर आवश्यक साधन मौजूद है और इस युद्ध के पहले दिन से ही ईरान ने यह साबित कर दिया है कि वह जो कहता है, उसे कर दिखाता है। इसका मतलब साफ है कि अगर देश के नागरिक बुनियादी ढांचे (विशेषकर बिजली संयंत्रों) पर हमला हुआ, तो दुश्मन को वैसा ही जवाब मिलेगा। यह सीधे तौर पर मौजूदा Iran US Conflict को और भड़काने वाला कदम होगा।
बढ़ता Iran US Conflict: पाकिस्तान की मध्यस्थता और युद्धविराम की अटकलें
तनाव के बीच, रिपोर्टों ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसे सोमवार से लागू किया जा सकता है। यह खबर ऐसे समय में आई है, जब इजराइल और अमेरिका लगातार ईरान के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर हमले कर रहे हैं। इन हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें बुशेहर परमाणु स्थल पर हुए एक हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई। इन सबके बीच, पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम की पहल एक उम्मीद जगाती है।
ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले और जवाबी चेतावनी
अमेरिका ने यह भी दावा किया है कि उसने दिवंगत ईरानी मेजर-जनरल कासिम सुलेमानी की भतीजी और उनकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी स्थायी नागरिकता रद्द कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। हालांकि, सुलेमानी की बेटियों ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि अमेरिका में गिरफ्तार की गई इन दोनों महिलाओं से उनका कोई संबंध नहीं है।







