
Forensic Science: बिहार पुलिस ने अपराधियों की नींद हराम करने का पक्का इंतजाम कर लिया है। अब राज्य में किसी भी बड़े अपराध के बाद अपराधी आसानी से बच नहीं पाएगा, क्योंकि पुलिस ने फोरेंसिक जांच को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। डीजीपी विनय कुमार ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
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बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने घोषणा की है कि 7 साल से अधिक की सजा वाले सभी अपराधों में अब घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम अपराधों की प्रभावी जांच और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले एक-दो साल के भीतर 4 स्थायी और 9 क्षेत्रीय सहित कुल 13 एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) को पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा।
बिहार में बढ़ेगी Forensic Science लैब की संख्या
डीजीपी विनय कुमार राजधानी पटना के सरदार पटेल भवन स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय फॉरेंसिक बायोलॉजिकल साइंस सैटेलाइट कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन कर रहे थे। इस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय एफएसएल के अधिकारी और देश भर की विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। डीजीपी ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय लैब के लिए नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, आवश्यक उपकरण खरीद लिए गए हैं, और बिल्डिंग का निर्माण भी संपन्न हो गया है। इन सभी लैब को जल्द ही पूर्ण रूप से कार्यान्वित कर दिया जाएगा।
उन्होंने राज्य में डीएनए जांच पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए 3-4 नए लैब स्थापित करने के लिए केंद्रीय एफएसएल से सहयोग का आग्रह भी किया। डीजीपी ने आगे बताया कि उन 28 जिलों में, जहां क्षेत्रीय एफएसएल मौजूद नहीं हैं, वहां जिला चलंत प्रयोगशालाओं के लिए भवनों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इन सभी को फोरेंसिक वैन की सुविधा भी प्रदान की गई है।
मोबाइल फोरेंसिक वैन और साइबर लैब भी होंगे तैयार
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि सभी 44 पुलिस जिलों को 50 मोबाइल फोरेंसिक वैन दिए गए हैं, और आने वाले समय में इनकी संख्या में और वृद्धि की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पटना और राजगीर में विशेष साइबर फोरेंसिक लैब भी स्थापित किए जाएंगे, जो डिजिटल अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य में Forensic Science के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
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बिहार पुलिस का यह कदम अपराधियों पर नकेल कसने और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






