
Bihar Police Corruption: बिहार के मधेपुरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कानून के रखवाले ही कानून को ताक पर रखते पकड़े गए। पुरैनी थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है। यह घटना सुशासन के दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जब पुलिसकर्मी ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं।
मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे बिहार विशेष निगरानी इकाई की टीम ने मधेपुरा के पुरैनी थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष सह एसआई अनिल कुमार सिंह को सात हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब एसआई सिंह थाने के समीप एक चाय की दुकान पर शिकायतकर्ता से पैसे ले रहे थे। निगरानी टीम में उपाधीक्षक आसिफ इकबाल, इंस्पेक्टर निजामुद्दीन, विनोद कुमार सिंह और अखिलेश कुमार सिंह शामिल थे, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे हुआ रिश्वत का खुलासा?
एसआइ अनिल कुमार सिंह के खिलाफ पुरैनी थाना क्षेत्र के औराय गांव निवासी बशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा ने निगरानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि एसआई अनिल कुमार सिंह उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। यह शिकायत उन्होंने गत 20 मार्च को निगरानी एसपी से की थी, जिसके बाद तीन दिन पहले टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। पुष्टि होने के बाद मंगलवार को पटना से पहुंची निगरानी टीम ने जाल बिछाकर एसआई को धर दबोचा।
जानिए पूरा मामला और क्या थी रिश्वत की वजह?
पीड़ित बशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा के अनुसार, उनकी जमीन से संबंधित एक मामला न्यायालय में लंबित है, जिस पर बीएनएस की धारा 164 के तहत कार्रवाई होनी है। अनुमंडल पदाधिकारी ने इस संबंध में थाना से जांच रिपोर्ट मांगी थी। थानाध्यक्ष ने इस जांच की जिम्मेदारी एसआइ अनिल कुमार सिंह को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर एसआइ लगातार बशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा पर 10 हजार रुपये रिश्वत देने का दबाव बना रहे थे। आखिरकार पीड़ित ने न्याय के लिए निगरानी का दरवाजा खटखटाया। यह घटना सीधे तौर पर Bihar Police Corruption को उजागर करती है, जहां आम जनता को न्याय के लिए भी पैसे चुकाने पड़ते हैं।
Bihar Police Corruption: निगरानी टीम की कार्रवाई
गिरफ्तारी के तत्काल बाद मामले की जानकारी उदकीशुंगनज एसडीपीओ अविनाश कुमार और एसपी संदीप सिंह को दी गई। आरोपी एसआई अनिल कुमार सिंह को पुरैनी थाना में बिठाकर गहन पूछताछ की गई और फिर उनका मेडिकल कराया गया। छापेमारी दल का नेतृत्व कर रहे निगरानी डीएसपी आसिफ इकबाल ने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गिरफ्तार एसआई को पटना ले जाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस तरह की घटनाओं से मधेपुरा पुलिस की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, लेकिन निगरानी की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।
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