
थ्रेसर हादसा: कभी-कभी छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। भागलपुर के नाथनगर में गेहूं कटाई के दौरान एक महिला की दुखद मौत ने एक बार फिर कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की अहमियत को उजागर किया है। यह घटना फतेहपुर गांव में हुई, जिसने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है।
क्या हुआ था नाथनगर में?
भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर गांव में गेहूं की कटाई का काम चल रहा था। इसी दौरान एक दर्दनाक घटना ने सब कुछ बदल दिया। सुबो देवी नामक महिला अपने घर के पास ही गेहूं तैयार कर रही थीं। तभी अचानक उनकी साड़ी पास चल रहे थ्रेसर मशीन में फंस गई। देखते ही देखते मशीन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गईं।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और आनन-फानन में मशीन को बंद किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुबो देवी गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। परिजन गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे।
थ्रेसर हादसा कैसे बना जानलेवा?
मायागंज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद सुबो देवी को मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे फतेहपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस थ्रेसर हादसा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खेतों में काम करते समय थोड़ी सी भी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कृषि कार्य करते समय अत्यधिक सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। यह घटना कृषि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देती है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, कृषि सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुखद घटना ने एक परिवार से उनकी बेटी, पत्नी या मां को छीन लिया है। पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अधिक सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







